गयाजी में लोडिंग-अनलोडिंग कर्मियों की एक दिन की हड़ताल:न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट तक मार्च, कहा- आर्थिक बोझ बढ़ रहा

गयाजी में लोडिंग-अनलोडिंग कर्मियों की एक दिन की हड़ताल:न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट तक मार्च, कहा- आर्थिक बोझ बढ़ रहा

गयाजी में राज्य खाद्य निगम के गोदामों में कार्यरत लोडिंग-अनलोडिंग कर्मियों ने मंगलवार को एक दिवसीय हड़ताल की। वे न्यूनतम मजदूरी लागू करने और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। यह आंदोलन फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन (इंटक) गया इकाई के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष अजय सिंह ने किया। प्रदर्शनकारी मजदूरों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें तय दर से कम मजदूरी मिल रही है, जिससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। मजदूरों ने सरकार, संबंधित विभाग से बकाया राशि की तत्काल भुगतान की मांग की मजदूरों ने सरकार और संबंधित विभाग से बकाया अंतर राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाए, ताकि अनियमितता या कटौती की संभावना समाप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, पीएफ (भविष्य निधि) और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) जैसी श्रमिक हितों से जुड़ी योजनाओं को तुरंत लागू करने की भी मांग की गई। हड़ताल के तहत मजदूरों ने राजेंद्र नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय से समाहरणालय तक एक विशाल जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने अपने हक में जोरदार नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। समाहरणालय पहुंचकर उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। यूनियन के जिला अध्यक्ष, यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष हड़ताल में हुए शामिल इस आंदोलन में यूनियन के जिला अध्यक्ष रामप्यारे, यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष भाई ओंकार सहित कई अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोडिंग-अनलोडिंग कर्मी शामिल हुए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गयाजी में राज्य खाद्य निगम के गोदामों में कार्यरत लोडिंग-अनलोडिंग कर्मियों ने मंगलवार को एक दिवसीय हड़ताल की। वे न्यूनतम मजदूरी लागू करने और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। यह आंदोलन फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन (इंटक) गया इकाई के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष अजय सिंह ने किया। प्रदर्शनकारी मजदूरों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें तय दर से कम मजदूरी मिल रही है, जिससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। मजदूरों ने सरकार, संबंधित विभाग से बकाया राशि की तत्काल भुगतान की मांग की मजदूरों ने सरकार और संबंधित विभाग से बकाया अंतर राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाए, ताकि अनियमितता या कटौती की संभावना समाप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, पीएफ (भविष्य निधि) और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) जैसी श्रमिक हितों से जुड़ी योजनाओं को तुरंत लागू करने की भी मांग की गई। हड़ताल के तहत मजदूरों ने राजेंद्र नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय से समाहरणालय तक एक विशाल जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने अपने हक में जोरदार नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। समाहरणालय पहुंचकर उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। यूनियन के जिला अध्यक्ष, यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष हड़ताल में हुए शामिल इस आंदोलन में यूनियन के जिला अध्यक्ष रामप्यारे, यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष भाई ओंकार सहित कई अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोडिंग-अनलोडिंग कर्मी शामिल हुए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

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