पटना जू में दिल्ली से आई सफेद बाघिन:रोहतक जू से पहुंचा दो ग्रीन इगुआना, 10 मई के बाद 17 नए जानवरों का होगा दीदार

पटना जू में दिल्ली से आई सफेद बाघिन:रोहतक जू से पहुंचा दो ग्रीन इगुआना, 10 मई के बाद 17 नए जानवरों का होगा दीदार

पटना जू का जल्द ही मोडिफिकेशन होने वाला है। इसके साथ ही दिल्ली से आए सफेद बाघिन का लोग जल्द ही दीदार कर सकेंगे। वहीं, पटना में पहली बार ग्रीन इगुआना दर्शकों को देखने को मिलेगा। पटना जू में दिल्ली और रोहतक जू से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 17 नए जानवर लाए गए हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने कहा कि सभी को 10 मई के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। तब तक जानवरों को क्वॉरेंटाइन में रखा गया है। पटना जू में लाए गए नए जानवर सफेद बाघिन- 1 संगाई डियर- 6 सफेद कृष्णमृग- 4 ग्रीन इगुआना- 2 पेन्टेड स्टॉर्क- 4 रोहतक जू से आया दो ग्रीन इगुआना दिल्ली जू के साथ हुए समझौते के तहत, पटना जू को 1 सफेद बाघिन मिली है। वहीं, 6 संघाई हिरण, 4 सफेद ब्लैकबक, 4 पेंटेड स्टॉर्क लाया गया है। इसके साथ ही रोहतक जू से 2 ग्रीन इगुआना आया है। दिल्ली जू से लाए गए संघाई हिरण में दो नर और चार मादा, सफेद ब्लैकबक में दो नर और दो मादा हैं। इसके अलावा अभी और भी जानवर लाए जाएंगे। सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना होंगे एक नया आकर्षण जू प्रशासन के अनुसार सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना विजिटर्स के लिए एक नया आकर्षण होंगे। नए जानवरों के लिए ब्लैकबक के बगल में एक अलग बाड़ा बनाया गया है। इसके अलावा रेप्टाईल घर में इगुआना के लिए एक कांच का बाड़ा (20×30 फीट) तैयार किया गया है। इगुआना फल, सब्जियां, पत्ते और कीड़े खाते हैं। उन्हें प्राकृतिक वातावरण की आवश्यकता होती है। इसके लिए उनके बाड़े में मजबूत टहनी, एक फाउंटेन और आसपास कुछ पत्थर और पत्ते भी लगाए गए हैं, जो नैचुरल लुक दे। जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना जरूरी जू प्रशासन के अनुसार एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के बीच जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना और इनब्रीडिंग को रोकना है। इससे अक्सर समस्या पैदा हो जाती है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी कमजोर होने लगती है। वन्यजीव प्रजातियों के लॉन्ग टर्म कंजर्वेशन को बेहतर बनाने के लिए कैपटिव ब्रीडिंग पापुलेशन को मजबूत करना आवश्यक है। राष्ट्रीय वन्यजीव प्रबंधन मानकों का अनुपालन करने के लिए इस तरह का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है। 4.87 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा नया कैफेटेरिया पटना जू में गेट नंबर- 1 के पास 4 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से नया कैफेटेरिया बनेगा। इसके साथ ही पटना जू के 1 और 2 नंबर गेट को पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिसमें टिकट काउंटर, प्रवेश द्वार, सोविनियर शॉप और क्लोक रूम की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा स्टाॅफ रूम और शौचालय का भी निर्माण कराया जाएगा। पटना जू में बड़ी बहाली और विकास योजनाओं को भी मंजूरी मिली है। जू में 23 पदों पर बहाली को स्वीकृति मिल गई है। अब फार्मासिस्ट, प्लंबर, वेल्डर और कारपेंटर समेत कई पदों पर नियुक्ति होगी। वहीं, जू के दैनिक कर्मियों के वेतन में 2000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पटना जू में क्या-क्या होगा नया चिल्ड्रेन पार्क को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा इसके साथ ही करीब 4 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत से टिकट काउंटर, शॉप और सामान रखने की जगह बनेगी। पर्यटकों के लिए ट्री टॉप वॉक बनाया जाएगा। चिल्ड्रेन पार्क को भी नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। पटना जू में 16 गाइड रखे जाएंगे। इस गाइड सेवा के लिए 10 रुपये शुल्क देना होगा। जू में बैठने के लिए 150 ईको-फ्रेंडली बेंच भी लगाए जाएंगे। टॉय ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट दिया गया है। इंडियन रेलवे को 5 करोड़ रुपये भेजा गया है। पटना जू का जल्द ही मोडिफिकेशन होने वाला है। इसके साथ ही दिल्ली से आए सफेद बाघिन का लोग जल्द ही दीदार कर सकेंगे। वहीं, पटना में पहली बार ग्रीन इगुआना दर्शकों को देखने को मिलेगा। पटना जू में दिल्ली और रोहतक जू से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 17 नए जानवर लाए गए हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने कहा कि सभी को 10 मई के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। तब तक जानवरों को क्वॉरेंटाइन में रखा गया है। पटना जू में लाए गए नए जानवर सफेद बाघिन- 1 संगाई डियर- 6 सफेद कृष्णमृग- 4 ग्रीन इगुआना- 2 पेन्टेड स्टॉर्क- 4 रोहतक जू से आया दो ग्रीन इगुआना दिल्ली जू के साथ हुए समझौते के तहत, पटना जू को 1 सफेद बाघिन मिली है। वहीं, 6 संघाई हिरण, 4 सफेद ब्लैकबक, 4 पेंटेड स्टॉर्क लाया गया है। इसके साथ ही रोहतक जू से 2 ग्रीन इगुआना आया है। दिल्ली जू से लाए गए संघाई हिरण में दो नर और चार मादा, सफेद ब्लैकबक में दो नर और दो मादा हैं। इसके अलावा अभी और भी जानवर लाए जाएंगे। सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना होंगे एक नया आकर्षण जू प्रशासन के अनुसार सफेद ब्लैकबक और हरे इगुआना विजिटर्स के लिए एक नया आकर्षण होंगे। नए जानवरों के लिए ब्लैकबक के बगल में एक अलग बाड़ा बनाया गया है। इसके अलावा रेप्टाईल घर में इगुआना के लिए एक कांच का बाड़ा (20×30 फीट) तैयार किया गया है। इगुआना फल, सब्जियां, पत्ते और कीड़े खाते हैं। उन्हें प्राकृतिक वातावरण की आवश्यकता होती है। इसके लिए उनके बाड़े में मजबूत टहनी, एक फाउंटेन और आसपास कुछ पत्थर और पत्ते भी लगाए गए हैं, जो नैचुरल लुक दे। जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना जरूरी जू प्रशासन के अनुसार एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के बीच जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना और इनब्रीडिंग को रोकना है। इससे अक्सर समस्या पैदा हो जाती है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी कमजोर होने लगती है। वन्यजीव प्रजातियों के लॉन्ग टर्म कंजर्वेशन को बेहतर बनाने के लिए कैपटिव ब्रीडिंग पापुलेशन को मजबूत करना आवश्यक है। राष्ट्रीय वन्यजीव प्रबंधन मानकों का अनुपालन करने के लिए इस तरह का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है। 4.87 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा नया कैफेटेरिया पटना जू में गेट नंबर- 1 के पास 4 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से नया कैफेटेरिया बनेगा। इसके साथ ही पटना जू के 1 और 2 नंबर गेट को पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिसमें टिकट काउंटर, प्रवेश द्वार, सोविनियर शॉप और क्लोक रूम की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा स्टाॅफ रूम और शौचालय का भी निर्माण कराया जाएगा। पटना जू में बड़ी बहाली और विकास योजनाओं को भी मंजूरी मिली है। जू में 23 पदों पर बहाली को स्वीकृति मिल गई है। अब फार्मासिस्ट, प्लंबर, वेल्डर और कारपेंटर समेत कई पदों पर नियुक्ति होगी। वहीं, जू के दैनिक कर्मियों के वेतन में 2000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पटना जू में क्या-क्या होगा नया चिल्ड्रेन पार्क को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा इसके साथ ही करीब 4 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत से टिकट काउंटर, शॉप और सामान रखने की जगह बनेगी। पर्यटकों के लिए ट्री टॉप वॉक बनाया जाएगा। चिल्ड्रेन पार्क को भी नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। पटना जू में 16 गाइड रखे जाएंगे। इस गाइड सेवा के लिए 10 रुपये शुल्क देना होगा। जू में बैठने के लिए 150 ईको-फ्रेंडली बेंच भी लगाए जाएंगे। टॉय ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट दिया गया है। इंडियन रेलवे को 5 करोड़ रुपये भेजा गया है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *