गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) से संपत्ति लेने के बाद पैसा जमा न करने वाले डिफाल्टर आवंटियों के लिए राहत भरी खबर है। एकमुश्त समाधान योजना (OTS) में भाग लेकर वे पेनाल्टी यानी दंड ब्याज से मुक्ति पा सकते हैं। शनिवार से यह योजना लागू हो चुकी है। 3 महीने तक इसके तहत आवेदन किया जा सकता है। आवंटियों की सुविधा के लिए प्राधिकरण की ओर से कार्यालय एवं मानबेला स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना परिसर में कैंप भी लगाए जाएंगे। समय सीमा बीतने के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। GDA के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि OTS के तहत आवंटियों से केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा, जो मूल आवंटन के समय निर्धारित ब्याज दर के बराबर होगा। खास बात यह है कि किसी प्रकार का दंड ब्याज नहीं लिया जाएगा, जिससे बकायेदारों को आर्थिक राहत मिलेगी। आवेदन की तिथि वही मानी जाएगी, जब प्रोसेसिंग फीस और प्रारंभिक धनराशि आनलाइन या आफलाइन जमा कर दी जाएगी। जानिए कब, कहां लगाए जाएंगे कैंप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर 18 से 30 अप्रैल तक प्रधानमंत्री आवास योजना, मानबेला और सूर्य विहार आवासीय योजना में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में आवंटियों को आवेदन और भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कुल 1583 बकायेदार सूचीबद्ध हैं, जिनमें से सर्वाधिक 900 प्रधानमंत्री आवास योजना, 221 सूर्य विहार आवासीय योजना तथा शेष अन्य योजनाओं से जुड़े हैं। सभी डिफाल्टरों को एक सप्ताह के भीतर नोटिस भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। पोर्टल पर मिलेगी जानकारी आनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पोर्टल पर स्पष्ट लिंक और चरणबद्ध गाइड उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं आफलाइन आवेदन के लिए प्राधिकरण कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा, जहां फार्म उपलब्ध कराने और जमा करने की व्यवस्था रहेगी।
मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी को बैंक में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शुल्क जमा करने में किसी को परेशानी न हो। प्रतिदिन कम से कम 200 आवेदन प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है और सभी आवेदनों का निस्तारण 90 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में बकाया जमा न करने पर संबंधित आवंटियों के खिलाफ भू-राजस्व की तरह वसूली, पंजीकरण निरस्तीकरण और बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सभी बकायेदारों से अपील की गई है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपनी संपत्तियों को नियमित करा लें।


