कानपुर मण्डल में इस हफ्ते 18 से 24 अप्रैल के बीच भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सप्ताह की शुरुआत में अधिकतम तापमान 41°C से 42°C के बीच रहेगा, लेकिन 23 और 24 अप्रैल तक यह बढ़कर 42°C से 43°C तक पहुंच सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय हालात बेहद चुनौतीपूर्ण रहेंगे।
गर्म पछुआ हवाएं और साफ आसमान बना रहे हालात गंभीर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म पछुआ हवाएं उत्तर प्रदेश के मैदानी हिस्सों में तेजी से असर डाल रही हैं। इसके साथ ही आसमान पूरी तरह साफ रहने से सूर्य की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर बना एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम भी मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है, जो गर्म हवाओं को उत्तर प्रदेश की तरफ धकेल रहा है। वहीं हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे गर्मी को संतुलित करने वाला प्रभाव खत्म हो गया है। कम आर्द्रता (10-15%) के कारण गर्मी और अधिक तीखी महसूस हो रही है।
‘लू’ से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए खान-पान और दिनचर्या में बदलाव बेहद जरूरी है।
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे। ओआरएस, छाछ, लस्सी, नींबू पानी और सत्तू जैसे देसी पेय शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। कच्चे आम का पन्ना भी लू से बचाव में कारगर माना जाता है।
बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को टोपी, गमछे या छतरी से ढकें। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। त्वचा को धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन या एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें।
घर में ऐसे रखें ठंडक, लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हों
घर को ठंडा रखने के लिए दिन में खिड़कियों पर पर्दे डालकर रखें ताकि सीधी धूप अंदर न आए। कूलर या एसी का इस्तेमाल करते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखें। जरूरत पड़ने पर खिड़की पर गीली चादर टांगना भी राहत दे सकता है। अगर सिरदर्द, चक्कर, तेज बुखार या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ‘लू’ चलने की चेतावनी जारी की है और लोगों से दोपहर के समय घर में रहने की अपील की है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार, इस सप्ताह गर्मी अपने चरम पर रह सकती है, इसलिए सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।


