पाकिस्तान के लिए मंगलवार का दिन बेहद भारी रहा। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में एक साथ 30 से ज्यादा हमले करने का दावा किया है।
यह अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने कहा कि इन हमलों में दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि कई घायल हैं।
कहां-कहां हुए हमले?
बीएलए ने बताया कि उन्होंने झाल मगसी, क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, वाशुक, दलबंदीन, खारान, पंजगुर और कच्छ में एक साथ हमले किए गए। इसका मतलब है कि पूरे बलूचिस्तान में उन्होंने एक साथ पाक सेना के खिलाफ मोर्चा खोला।
प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना के कैंप, सैन्य ठिकाने और सरकार समर्थित सशस्त्र गुटों के अड्डे निशाने पर थे। इन गुटों को बीएलए ‘डेथ स्क्वॉड’ कहता है। BLA ने यह भी दावा किया कि इन हमलों में आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
रविवार से चल रहा है यह सिलसिला
यह हमला अचानक नहीं हुआ है। 28 मार्च की रात से ही बलूचिस्तान के पंजगुर जिले से हमलों का यह सिलसिला शुरू हो गया था। BLA के लड़ाकों ने पाकिस्तान समर्थित सशस्त्र गुटों के ठिकानों और सैन्य काफिलों को निशाना बनाया।
रविवार और सोमवार को भी क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, खारान, दलबंदीन, वाशुक, सिबी, नसीराबाद, झाल मगसी और कच्छ में धमाके और हथियारबंद हमलों की खबरें आती रहीं।
इससे पहले BLA ने 19 से 28 मार्च के बीच 14 अलग-अलग हमलों का दावा किया था जिनमें 18 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।
सड़क, रेल और गैस पाइपलाइन सब तबाह
इन हमलों में सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं बल्कि बलूचिस्तान का बुनियादी ढांचा भी निशाने पर रहा। हाईवे, रेलवे लाइन और गैस पाइपलाइन पर हमलों की खबरें स्थानीय मीडिया ने दी हैं। इससे पूरे इलाके में आवाजाही और आपूर्ति बाधित हुई।
चेकपोस्ट पर कब्जा, हथियार भी छीने
BLA के मुताबिक उनके लड़ाकों ने कई चेकपोस्ट पर कब्जा कर लिया, वहां तैनात जवानों को हिरासत में लिया और हथियार व सैन्य सामान भी जब्त किया। हालांकि BLA ने यह भी माना कि इन झड़पों में उनके दो लड़ाके भी मारे गए।
पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती
बलूचिस्तान में पिछले कुछ हफ्तों से हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर हमले तेज हुए हैं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पाकिस्तान सरकार की तरफ से अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन BLA के इन दावों ने एक बात साफ कर दी है कि बलूचिस्तान में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और यह तनाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।


