मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में सीनेट सदस्य चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई हैं। 28 मार्च को होने वाले मतदान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मधेपुरा, सुपौल और सहरसा जिले में कुल 27 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें मधेपुरा में सबसे अधिक 13, जबकि सहरसा और सुपौल में सात-सात मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। विश्वविद्यालय के सभी पीजी विभागों के लिए शैक्षणिक परिसर स्थित साइंस ब्लॉक में मतदान केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र पर कुल 67 शिक्षक और 7 शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव को लेकर मतदाताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। संवीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसके साथ ही चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जनसंपर्क अभियान में जुटे उम्मीदवार सभी उम्मीदवार अपने-अपने समर्थन में माहौल बनाने के लिए जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं। प्रत्याशी विभिन्न कॉलेजों और पीजी विभागों का दौरा कर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। सीनेट चुनाव के लिए कुल 36 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। हालांकि संवीक्षा के बाद शिक्षकेत्तर कर्मचारी कोटे से एक प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया। चुनावी मैदान में बचे 34 प्रत्याशी वहीं, अनुसूचित जाति कोटे से केवल एक प्रत्याशी होने के कारण उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। इस प्रकार अब कुल 34 प्रत्याशी चुनावी मैदान में बचे हैं, जिनके भाग्य का फैसला 1292 मतदाता करेंगे। चुनाव में सामान्य वर्ग की पांच सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। अब सभी की नजरें 28 मार्च को होने वाले मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं। मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में सीनेट सदस्य चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई हैं। 28 मार्च को होने वाले मतदान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मधेपुरा, सुपौल और सहरसा जिले में कुल 27 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें मधेपुरा में सबसे अधिक 13, जबकि सहरसा और सुपौल में सात-सात मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। विश्वविद्यालय के सभी पीजी विभागों के लिए शैक्षणिक परिसर स्थित साइंस ब्लॉक में मतदान केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र पर कुल 67 शिक्षक और 7 शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव को लेकर मतदाताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। संवीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसके साथ ही चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जनसंपर्क अभियान में जुटे उम्मीदवार सभी उम्मीदवार अपने-अपने समर्थन में माहौल बनाने के लिए जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं। प्रत्याशी विभिन्न कॉलेजों और पीजी विभागों का दौरा कर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। सीनेट चुनाव के लिए कुल 36 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। हालांकि संवीक्षा के बाद शिक्षकेत्तर कर्मचारी कोटे से एक प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया। चुनावी मैदान में बचे 34 प्रत्याशी वहीं, अनुसूचित जाति कोटे से केवल एक प्रत्याशी होने के कारण उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। इस प्रकार अब कुल 34 प्रत्याशी चुनावी मैदान में बचे हैं, जिनके भाग्य का फैसला 1292 मतदाता करेंगे। चुनाव में सामान्य वर्ग की पांच सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। अब सभी की नजरें 28 मार्च को होने वाले मतदान और उसके परिणाम पर टिकी हैं।


