किशनगंज के ठाकुरगंज नगर पंचायत में पिछले आठ महीनों से पूर्णकालिक कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। इससे नगर पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। इस समस्या को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष सिकंदर पटेल सहित मुख्य पार्षद और सभी पार्षदों में गहरी नाराजगी है। पार्षदों ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर तत्काल पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 23 मार्च तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष सिकंदर पटेल ने बताया कि विभाग की लगातार अनदेखी के कारण पिछले आठ महीने से कोई स्थायी कार्यपालक पदाधिकारी नहीं है। इससे जनकल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्य रुक गए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, और अब जनता का आक्रोश उन्हें झेलना पड़ रहा है। कई योजनाएं प्रस्तावित हैं और उन पर कार्य चल रहा प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी मनीषा कुमारी ने इस संबंध में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वे पौआखाली के भी प्रभार में हैं, लेकिन सप्ताह में तीन दिन ठाकुरगंज में उपलब्ध रहती हैं। मनीषा कुमारी ने दावा किया कि कई योजनाएं प्रस्तावित हैं और उन पर कार्य चल रहा है। हालांकि, पार्षदों का कहना है कि प्रभारी व्यवस्था अपर्याप्त है और इससे विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद 15 अगस्त 2025 से यह पद खाली है। विभागीय स्तर पर अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे सामूहिक इस्तीफा देने तक की चेतावनी भी दे सकते हैं। किशनगंज के ठाकुरगंज नगर पंचायत में पिछले आठ महीनों से पूर्णकालिक कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। इससे नगर पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। इस समस्या को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष सिकंदर पटेल सहित मुख्य पार्षद और सभी पार्षदों में गहरी नाराजगी है। पार्षदों ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर तत्काल पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 23 मार्च तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष सिकंदर पटेल ने बताया कि विभाग की लगातार अनदेखी के कारण पिछले आठ महीने से कोई स्थायी कार्यपालक पदाधिकारी नहीं है। इससे जनकल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्य रुक गए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, और अब जनता का आक्रोश उन्हें झेलना पड़ रहा है। कई योजनाएं प्रस्तावित हैं और उन पर कार्य चल रहा प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी मनीषा कुमारी ने इस संबंध में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वे पौआखाली के भी प्रभार में हैं, लेकिन सप्ताह में तीन दिन ठाकुरगंज में उपलब्ध रहती हैं। मनीषा कुमारी ने दावा किया कि कई योजनाएं प्रस्तावित हैं और उन पर कार्य चल रहा है। हालांकि, पार्षदों का कहना है कि प्रभारी व्यवस्था अपर्याप्त है और इससे विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद 15 अगस्त 2025 से यह पद खाली है। विभागीय स्तर पर अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे सामूहिक इस्तीफा देने तक की चेतावनी भी दे सकते हैं।


