खाटू श्याम मंदिर की रेकी! जासूसों के मोबाइल में मिले फोटो-वीडियो, पाकिस्तान भेजी जा रही थी जानकारी

खाटू श्याम मंदिर की रेकी! जासूसों के मोबाइल में मिले फोटो-वीडियो, पाकिस्तान भेजी जा रही थी जानकारी

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए संदिग्धों की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में जहां सैन्य ठिकानों और रेलवे स्टेशनों की रेकी की बात सामने आई थी, वहीं अब पता चला है कि धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की तैयारी थी। सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल से खाटू श्याम मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के फोटो, वीडियो और लोकेशन मिलने की जानकारी मिली है।

धार्मिक स्थलों थे निशाने पर

सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर कई अहम स्थानों की जानकारी जुटाई थी। इनमें राजस्थान के जयपुर और जोधपुर जैसे शहर भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि 100 से अधिक स्थानों से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान भेजी गई थीं।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं छह आरोपी

कौशांबी थाना पुलिस ने 14 मार्च को इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। उनकी डिजिटल डिवाइस की जांच में कई संवेदनशील स्थानों से संबंधित सामग्री बरामद हुई थी। शुरुआती जांच में दिल्ली के रेलवे स्टेशनों और सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़े वीडियो और लोकेशन साझा किए जाने की बात सामने आई थी।

इसके अलावा पंजाब, हरियाणा के फोटो और वीडियो भी मिले थे। मोबाइल की विस्तृत जांच में पता चला है कि आरोपी प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर भी गए थे, जहां रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सूत्रों का कहना है कि वहां के अलग-अलग स्थानों की लोकेशन और वीडियो आरोपियों के फोन से मिले हैं। इसके अलावा पिंक सिटी जयपुर और जोधपुर में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों और रेलवे स्टेशनों के भी फोटो मिले हैं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सैन्य ठिकाने, रेलवे स्टेशन के बाद धार्मिक स्थलों की भी जासूसी देश पर किसी बड़े हमले की साजिश का हिस्सा है।

पाकिस्तान के हैंडलर ने रुपये भेजे

जांच में सामने आया है कि दुर्गेश नाम के व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पाकिस्तान के हैंडलर ने रकम भेजी है। दुर्गेश को मुंबई से पकड़ लिया गया है। हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।

व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए संपर्क में थे

जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी पाकिस्तान में बैठे अपने कथित सरगना के संपर्क में थे और एक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए उससे जुड़े हुए थे। सूत्रों के मुताबिक इस ग्रुप को सरदार उर्फ सरफराज नाम का व्यक्ति संचालित कर रहा था, जिसके पाकिस्तान में होने की पुष्टि मोबाइल नंबर के डेस्टिनेशन आईपी से हुई है। बताया जा रहा है कि इस ग्रुप में गिरफ्तार छह आरोपियों के अलावा कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी पहचान और ठिकानों की जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गई है। साथ ही मलेशिया और यूके से जुड़े कुछ संदिग्ध नंबरों की भी जांच की जा रही है।

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