City of Black Diamond: 54 साल से कोल इंडिया की बिजली पर आश्रित थी काले हीरों की नगरी, अब राज्य से होगी आपूर्ति

City of Black Diamond: 54 साल से कोल इंडिया की बिजली पर आश्रित थी काले हीरों की नगरी, अब राज्य से होगी आपूर्ति

बैकुंठपुर. काले हीरों की नगरी के नाम से विख्यात नगर निगम चिरमिरी (City of Black Diamond) को 54 साल बाद राज्य की बिजली मिलेगी। इससे पहले शहर में साडा, नगर पालिका, फिर नगर निगम के माध्यम से प्रशासनिक कामकाज चलता रहा, जो कोल इंडिया (एसईसीएल) की बिजली पर आश्रित थी। सीएसपीडीसीएल (छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) से चिरमिरी में राज्य की बिजली पहुंचाने 54.08 करोड़ की मंजूरी मिली है।

मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना 2026-27 के लिए 54.08 करोड़ आवंटन हुआ है। मुख्यमंत्री 9 दिसंबर 2024 को मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिला के चिरमिरी (City of Black Diamond) प्रवास पर पहुंचे थे। जहां एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र में सीएसपीडीसीएल से बिजली आपूर्ति करने घोषणा की थी। मामले में अधोसंरचना विकास कार्य में 53.08 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया था।

इसे मंजूर कर मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत 53.08 करोड़ चिरमिरी (City of Black Diamond) नगर निगम को आवंटित किया गया है। वहीं इससे पहले आवंटित बजट में से शेष उपलब्ध राशि 0.49 करोड़ भी शामिल है। यानी वर्ष 2026-27 में नए कार्यों के लिए उपलब्ध बजट 53.57 करोड़ में से 53.08 करोड़ से चिरमिरी में बिजली आपूर्ति के लिए अधोसंरचना विकास कार्य कराए जाएंगे।

जबकि 0.49 करोड़ तक अन्य नए कार्यों की कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से स्वीकृति मिलेगी। सीएसपीडीसीएल की देखरेख में बिजली आपूर्ति करने 3-4 सब स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही शहर के 40 वार्डों में नए खंभे गाडक़र लाइन विस्तार होगा। हालांकि, कुछ क्षेत्र में राज्य की बिजली (City of Black Diamond) मिल रही है।

City of Black Diamond: एक नजर में चिरमिरी

राज्य सरकार ने चिरमिरी (City of Black Diamond) क्षेत्र के विकास के लिए पहले विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण(साडा) का गठन किया था। इसमें क्षेत्र के साथ आसपास के 16 गांव सम्मिलित थे। वहीं 22 जून 1995 में संविधान के 74वां संशोधन होने के कारण विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण को भंग कर नगरपालिका परिषद् चिरमिरी का गठन किया गया था। फिर अगले चरण में 27 जनवरी 2003 को अधिसूचना जारी कर चिरमिरी को नगर पालिका निगम का दर्जा दिया गया है।

Chirimiri, Black diamond city, Chirimiri Nagar Nigam
Chirimiri city (Photo- Wikipedia)

नगर निगम (City of Black Diamond) का दर्जा देते समय वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार 1 लाख 2 हजार 34 आबादी थी। ऐेसे में चिरमिरी को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद 40 वार्डों में विभाजित किया गया है। हालांकि, 2011 की जनगणना में जनसंख्या घटकर करीब 85 हजार है।

ये है प्राइवेट कोलमाइंस से राष्ट्रीयकरण होने का सफर

वर्ष 1930 में चिरमिरी कॉलरी खुली, जिसमें 1932 में उत्पादन शुरू हुआ था। उसके बाद 1942 में न्यू चिरमिरी कॉलरी, 1945 में प्योर चिरमिरी कॉलरी और 1946 में नॉर्थ चिरमिरी कॉलरी खुली थी। साथ ही न्यू चिरमिरी पोंड़ी हिल्स, पश्चिम चिरमिरी, डोमन हिल और कोरिया कॉलरी का संचालन शुरू हुआ।

चिरमिरी (City of Black Diamond) कोलफील्ड की कॉलरी कई प्राइवेट कंपनी के मालिकों के स्वामित्व में थी। जिसमें चिरमिरी कॉलरी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, डब्बाभाई की न्यू चिरमिरी पोनरी हिल कंपनी (प्राइवेट) लिमिटेड) यूनाइटेड कॉलरीज लिमिटेड, केएन धड़ी और इंद्र सिंह एंड संस (प्राइवेट) लिमिटेड शामिल थी। वर्ष 1973 में कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण हुआ।

फिर कोल इंडिया के तहत वर्ष 1985 में एसईसीएल की देखरेख में खदानें चल रही हैं। इसमें आधा दर्जन से अधिक खदानें बंद हो चुकी है। चिरमिरी कॉलरी क्षेत्र होने के कारण एसईसीएल बिजली आपूर्ति करती है।

City of Black Diamond, Chirimiri, Coal India
Chirimiri the City of Black Diamond (Photo- Patrika)

54.08 करोड़ की मिली है स्वीकृति

सीएसपीडीसीएल बैकुंठपुर सर्किल के ईई राजेश लकड़ा ने बताया कि चिरमिरी (City of Black Diamond) में राज्य की बिजली आपूर्ति करने 54.08 करोड़ की मंजूरी मिली है। इससे शहर में छोटे-बड़े 3 से 4 सब स्टेशन निर्माण और प्रत्येक वार्ड में बिजली खंभे गाडक़र लाइन विस्तार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *