किशनगंज के दिघलबैंक क्षेत्र में जंगली हाथियों का झुंड तीन महीने से अधिक समय से फसलों और आवासीय घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथियों ने मक्के के खेतों में डेरा डाल रखा है, जिससे किसानों को भारी क्षति हो रही है। बीते कुछ दिनों में हाथियों का मुख्य झुंड धनतोला पंचायत के दुर्गामंदिर हाट गांव और हाथीडुब्बा से आगे बढ़कर दिघलबैंक पंचायत के आमडांगी, खाड़ीदुबरी और मालटोली गांवों तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, मुख्य झुंड से अलग होकर हाथियों का एक जोड़ा धनतोला पंचायत के कदम चौक और धनतोला चौक के पास इंडो-नेपाल सड़क पर घूमता देखा गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… शाम ढलते ही लोग घरों में कैद दिघलबैंक पंचायत के वार्ड नंबर 12 स्थित आमडांगी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि शाम ढलते ही हाथियों का झुंड उनके गांव के पास आ गया। इस दौरान, हाथियों ने देव नाथ महतो के केले के बागान को भारी क्षति पहुंचाई और कई आवासीय घरों को भी नुकसान पहुंचाया। स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्हें हर साल हजारों का नुकसान होता है। वहीं, झुंड से अलग होकर सड़कों पर घूम रहे हाथियों के जोड़े को इंडो-नेपाल सड़क पर कदम चौक और धनतोला स्कूल चौक के पास देखा गया। लोग इन हाथियों को घरेलू पालतू जानवरों की तरह सड़क पर टहलते हुए देखकर अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें लेते हुए भी नजर आए। पिछले तीन महीने से दिख रहे हाथियों का यह झुंड पिछले तीन महीने से अधिक समय से धनतोला पंचायत के सीमावर्ती गांवों और आसपास की पंचायतों में तबाही मचा रहा है। ग्रामीण लगातार वन विभाग से हाथियों को भगाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार असफलता मिल रही है। इस संबंध में, वन क्षेत्र पदाधिकारी राधेश्याम रॉय ने बताया कि एक से दो दिनों के भीतर पूरी योजनाबद्ध तरीके से हाथियों को नेपाल भेजने के लिए अभियान चलाया जाएगा। किशनगंज के दिघलबैंक क्षेत्र में जंगली हाथियों का झुंड तीन महीने से अधिक समय से फसलों और आवासीय घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथियों ने मक्के के खेतों में डेरा डाल रखा है, जिससे किसानों को भारी क्षति हो रही है। बीते कुछ दिनों में हाथियों का मुख्य झुंड धनतोला पंचायत के दुर्गामंदिर हाट गांव और हाथीडुब्बा से आगे बढ़कर दिघलबैंक पंचायत के आमडांगी, खाड़ीदुबरी और मालटोली गांवों तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, मुख्य झुंड से अलग होकर हाथियों का एक जोड़ा धनतोला पंचायत के कदम चौक और धनतोला चौक के पास इंडो-नेपाल सड़क पर घूमता देखा गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… शाम ढलते ही लोग घरों में कैद दिघलबैंक पंचायत के वार्ड नंबर 12 स्थित आमडांगी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि शाम ढलते ही हाथियों का झुंड उनके गांव के पास आ गया। इस दौरान, हाथियों ने देव नाथ महतो के केले के बागान को भारी क्षति पहुंचाई और कई आवासीय घरों को भी नुकसान पहुंचाया। स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्हें हर साल हजारों का नुकसान होता है। वहीं, झुंड से अलग होकर सड़कों पर घूम रहे हाथियों के जोड़े को इंडो-नेपाल सड़क पर कदम चौक और धनतोला स्कूल चौक के पास देखा गया। लोग इन हाथियों को घरेलू पालतू जानवरों की तरह सड़क पर टहलते हुए देखकर अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें लेते हुए भी नजर आए। पिछले तीन महीने से दिख रहे हाथियों का यह झुंड पिछले तीन महीने से अधिक समय से धनतोला पंचायत के सीमावर्ती गांवों और आसपास की पंचायतों में तबाही मचा रहा है। ग्रामीण लगातार वन विभाग से हाथियों को भगाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार असफलता मिल रही है। इस संबंध में, वन क्षेत्र पदाधिकारी राधेश्याम रॉय ने बताया कि एक से दो दिनों के भीतर पूरी योजनाबद्ध तरीके से हाथियों को नेपाल भेजने के लिए अभियान चलाया जाएगा।


