Ali Khamenei Death Protests: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की हत्या के बाद कई देशों में उग्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। पड़ोसी देश पाकिस्तान में तो हालात बदतर हो गए थे। कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और उग्र विरोध प्रदर्शन करने लगे थे। लेकिन ये प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गए और हालात इतने बिगड़ गए कि गोलियां चलने की खबरें सामने आईं। इन घटनाओं में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया है।
इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ (Amnesty International) ने गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि 1 मार्च को हुए इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा जानलेवा हथियारों के इस्तेमाल की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी मांग की गई है कि मौतों और घायल लोगों के पीछे की सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सके।
रिपोर्ट्स में बड़ा दावा
रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए, राइट्स बॉडी ने कहा कि कराची में US कॉन्सुलेट के बाहर प्रदर्शनकारियों के घुसने के बाद 10 लोग मारे गए और 96 घायल हो गए। इसमें कहा गया है कि कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गईं, जिनमें से कई को गोली लगने से हॉस्पिटल ले जाया गया और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, इस्लामाबाद में डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के पास कम से कम दो प्रदर्शनकारी मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हो गए, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने काइनेटिक इम्पैक्ट प्रोजेक्टाइल और आंसू गैस के कनस्तरों के इस्तेमाल की बात कही।
इसके अलावा, मानवाधिकार संस्था ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (PoGB) के स्कार्दू इलाके में एक सैनिक समेत 14 लोग मारे गए, जहां प्रदर्शनकारियों ने भारत और पाकिस्तान में UN मिलिट्री ऑब्जर्वर ग्रुप (UNMOGIP) के ऑफिस, एक स्कूल और कुछ म्युनिसिपल ऑफिस में भी आग लगा दी।
एमनेस्टी इंटरनेशनल: प्रदर्शनकारियों को शांति से नाराजगी जाहिर करने का अधिकार है…
घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल के साउथ एशिया के डिप्टी रीजनल डायरेक्टर बाबू राम पंत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मौत और सुरक्षाबलों द्वारा गोलियां चलाने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उनका कहना है कि लोगों को शांति से इकट्ठा होकर अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, चाहे हालात कितने भी तनावपूर्ण क्यों न हों।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कुछ प्रदर्शनकारी हिंसक भी हो जाते हैं, तब भी पुलिस और सुरक्षा बलों को बहुत सोच-समझकर और संयम से कार्रवाई करनी चाहिए। बल का इस्तेमाल केवल तब ही होना चाहिए जब वह बहुत जरूरी हो।
पंत ने यह भी कहा कि जानलेवा बल का इस्तेमाल आखिरी विकल्प होना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और मृतकों के परिवारों व घायलों को न्याय और इलाज मिले।




Photos from Pakistan show women and others mourning the death of Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei after US‑Israeli strikes, amid nationwide grief and protests that have at times turned deadly.