राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने पर जोर:विभिन्न विभागों को 2 मई तक मामलों की सूची जमा करने का निर्देश

राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने पर जोर:विभिन्न विभागों को 2 मई तक मामलों की सूची जमा करने का निर्देश

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत की अध्यक्षता में न्यायालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 9 मई 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में जिले के खनिज, श्रम, परिवहन, वन, पंचायती राज, नीलाम और विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों को चिन्हित करें। उन्होंने लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। न्यायाधीश ऋषिकांत ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित निपटारा करना है। इससे न्यायालयों का बोझ कम होता है और वादकारियों के समय व पैसे की बचत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक अदालत में बिजली बिल, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विभागों को निर्देश दिए गए कि वे 2 मई तक अपने लंबित योग्य मामलों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय में जमा करें। साथ ही, विभागीय स्तर पर प्री-काउंसलिंग कैंप लगाकर पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में जिला प्रशासन की ओर से अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, श्रम विभाग, विद्युत विभाग, डीपीआरओ कार्यालय, प्रमाण-पत्र शाखा सहित अन्य विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणा निधि प्रसाद आर्य ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनका कोई मामला न्यायालय में लंबित है या सुलह योग्य है, तो वे 9 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर उसका निपटारा कराएं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत की अध्यक्षता में न्यायालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 9 मई 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में जिले के खनिज, श्रम, परिवहन, वन, पंचायती राज, नीलाम और विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों को चिन्हित करें। उन्होंने लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। न्यायाधीश ऋषिकांत ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित निपटारा करना है। इससे न्यायालयों का बोझ कम होता है और वादकारियों के समय व पैसे की बचत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक अदालत में बिजली बिल, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विभागों को निर्देश दिए गए कि वे 2 मई तक अपने लंबित योग्य मामलों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय में जमा करें। साथ ही, विभागीय स्तर पर प्री-काउंसलिंग कैंप लगाकर पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में जिला प्रशासन की ओर से अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, श्रम विभाग, विद्युत विभाग, डीपीआरओ कार्यालय, प्रमाण-पत्र शाखा सहित अन्य विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणा निधि प्रसाद आर्य ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनका कोई मामला न्यायालय में लंबित है या सुलह योग्य है, तो वे 9 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर उसका निपटारा कराएं।  

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