मधुबनी जिला प्रशासन ने होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने एक संयुक्त आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले के 478 स्थानों पर 956 दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को समय पर अपने स्थल पर पहुंचने और कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया है। उन्हें अपने प्रतिनियुक्ति स्थल से संयुक्त फोटो व्हाट्सएप नंबर पर भेजना सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और शांति भंग करने या कानून हाथ में लेने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सादे लिबास में पुलिसकर्मी शरारती तत्वों पर नजर रखेंगे। जिम्मेदारी एडीएम स्तर के पदाधिकारियों को दी गई
जिले में विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जिले को पांच भागों में बांटा गया है, जिसकी जिम्मेदारी एडीएम स्तर के पदाधिकारियों को दी गई है। सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को भी अपने-अपने प्रखंडों में शांतिपूर्वक होली संपन्न कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली का त्योहार मनाने की अपील की है। जिले की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 2 मार्च से 5 मार्च तक पूरी सक्रियता के साथ कार्य करेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष में दंगा नियंत्रण कंपनी, वज्रवाहन और अग्निशमन दल की तैनाती की गई है। फ्यूज कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया
अग्निशमन दस्ते को हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि आपात स्थिति में समय पर नियंत्रण किया जा सके। विद्युत संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए एक फ्यूज कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है। सिविल सर्जन को जीवन रक्षक दवाओं और एंबुलेंस को चिकित्सा दल के साथ नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी 24 घंटे चिकित्सा दल सक्रिय और सतर्क रहेंगे। डीजे के साथ-साथ उत्तेजक और अश्लील होली गायन पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। मधुबनी जिला प्रशासन ने होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने एक संयुक्त आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले के 478 स्थानों पर 956 दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को समय पर अपने स्थल पर पहुंचने और कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया है। उन्हें अपने प्रतिनियुक्ति स्थल से संयुक्त फोटो व्हाट्सएप नंबर पर भेजना सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और शांति भंग करने या कानून हाथ में लेने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सादे लिबास में पुलिसकर्मी शरारती तत्वों पर नजर रखेंगे। जिम्मेदारी एडीएम स्तर के पदाधिकारियों को दी गई
जिले में विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जिले को पांच भागों में बांटा गया है, जिसकी जिम्मेदारी एडीएम स्तर के पदाधिकारियों को दी गई है। सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को भी अपने-अपने प्रखंडों में शांतिपूर्वक होली संपन्न कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली का त्योहार मनाने की अपील की है। जिले की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 2 मार्च से 5 मार्च तक पूरी सक्रियता के साथ कार्य करेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष में दंगा नियंत्रण कंपनी, वज्रवाहन और अग्निशमन दल की तैनाती की गई है। फ्यूज कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया
अग्निशमन दस्ते को हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि आपात स्थिति में समय पर नियंत्रण किया जा सके। विद्युत संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए एक फ्यूज कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है। सिविल सर्जन को जीवन रक्षक दवाओं और एंबुलेंस को चिकित्सा दल के साथ नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी 24 घंटे चिकित्सा दल सक्रिय और सतर्क रहेंगे। डीजे के साथ-साथ उत्तेजक और अश्लील होली गायन पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।


