5% मुनाफे का झांसा देकर 15 करोड़ की ठगी, गिरफ्तारी न होने पर SP ऑफिस पहुंचे पीड़ित

Chhattisgarh Fraud News: शेयर मार्केट से हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा का झांसा देकर जिले के सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई को डुबाने वाले एसएमसी ग्लोबल कंपनी के अधिकृत सब ब्रोकर दुर्ग निवासी अमित लिल्हारे को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इधर निवेशक उसकी गिरफ्तारी और डूबे हुए रकम को वापस दिलाने की मांग को लेकर लगातार थानों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।

Chhattisgarh Fraud News: हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा

सोमवार को बड़ी संख्या में निवेशक फिर एसपी कार्यालय पहुंचे थे। जहां पुलिस उन्हें कोर्ट से जमानत की जानकारी देते हुए निवेशकों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। पीड़ितों ने बताया उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी-ब्याह से लेकर मकान निर्माण सहित अन्य बड़े कार्यों के लिए बैंक में पैसा जमा कर रखे थे, लेकिन इस बीच कुछ एजेंटों के माध्यम से अमित लिल्हारे ने उन्हें शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कर रुपए कमाने का झांसा दिया। इसके एवज में उन्हें हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा और मूल रकम की गारंटी ली।

15 करोड़ रुपए निवेश के बाद धोखा

एक-दो साल हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा दिया, फिर अचानक फरवरी 2023 से मुनाफा देना बंद कर दिया, फिर मूल राशि का क्या हुआ आज तक नहीं बताया। आरोपी इसके बाद से निवेशकों को राशि लौटाने का झांसा लगातार दे रहा है। जिले में दो कंपनियों में डी-मैट अकाउंट खुलवाकर शेयर मार्केट में लगभग 400 लोगों ने 15 करोड़ रुपए निवेश किया था।

5 प्रतिशत मुनाफे का झांसा रकम लगाए शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में जांच जारी है। फिलहाल धोखाधड़ी के आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिलने की जानकारी मिली है। पुलिस आगे विधि सम्मत कार्रवाई करेगी- कीर्तन राठौर, एएसपी राजनांदगांव

Chhattisgarh Fraud News: जमानत हासिल कर ली

पीडि़तों का आरोप है कि पुलिस ने जांच के नाम पर केवल उनका बयान दर्ज किए, लेकिन न तो आरोपी से पूछताछ हुई और न गिरफ्तारी। इसी बीच आरोपी ने कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली। वहीं, इसी तरह के दूसरे मामले में ग्लोब कैपिटल से जुड़े सब-ब्रोकर गेमलाल देवांगन के खिलाफ शिकायत के बावजूद अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है।

तहसीलदार, डॉक्टर व पुलिस कर्मी भी निवेशक

इन दोनों ही कंपनी में डी-मैट अकाउंट खुलवाकर शेयर मार्केट में रुपए निवेश करने वालों में सिर्फ गांव के ग्रामीण ही शामिल नहीं हैं, बल्कि तीन तहसीलदार, दो दर्जन शिक्षक, दर्जनभर डॉक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी और आधा दर्जन पुलिस वाले भी राजनांदगांव जिले से निवेशक हैं। इसके अलावा अन्य कामकाज से जुड़े लोगों ने निवेश किया है।

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