लखनऊ में केंद्र सरकार की ‘युवा संगम’ पहल के तहत अरुणाचल प्रदेश से 39 युवा प्रतिनिधि और 5 अधिकारी सोमवार को आईआईएम लखनऊ पहुंचे। यह दल उत्तर प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और विकास को समझने के लिए आया है। यह दल नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (NERIST) से जुड़ा है। आईआईएम लखनऊ परिसर में प्रोफेसर गिरीश बालसुब्रमण्यम, प्रोफेसर अरविंद श्रॉफ, प्रोफेसर राकेश और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल मनीष कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान युवाओं को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और कैंपस संस्कृति से भी परिचित कराया गया। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रस्तुति दी इसके बाद आयोजित ओरिएंटेशन सत्र में प्रोफेसर मेहरा ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रदेश के इतिहास, परंपराओं, खान-पान और पहनावे की विशेषताओं से युवाओं को अवगत कराया। बनारस की रेशमी साड़ियों, मुरादाबाद के पीतल उत्पादों और लखनऊ की चिकनकारी कढ़ाई के नमूनों के माध्यम से हस्तशिल्प कला की जानकारी भी दी गई। ऐतिहासिक रेजीडेंसी और हजरतगंज का भ्रमण किया शाम को युवाओं ने लखनऊ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अनुभव किया। दल ने बड़ा इमामबाड़ा, ऐतिहासिक रेजीडेंसी और हजरतगंज का भ्रमण किया। शहर की विरासत और रौनक ने युवाओं को प्रभावित किया। यात्रा के दौरान ‘फूड वैली’ में प्रतिनिधियों ने लखनऊ के मशहूर अवधी व्यंजनों का स्वाद चखा। युवाओं ने स्थानीय भोजन और संस्कृति के प्रति उत्साह व्यक्त किया। ‘युवा संगम’ कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को मजबूत करना है। यह दौरा पूर्वोत्तर के युवाओं को उत्तर प्रदेश की संस्कृति, विरासत और शिक्षा व्यवस्था को नजदीक से जानने का अवसर प्रदान कर रहा है।


