अररिया पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक बड़े गिरोह पर कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर महलगांव थाना क्षेत्र के पेचैली गांव में छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 17 लाख 95 हजार रुपए नगद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। गश्ती के दौरान मिली सूचना पर पुलिस टीम ने पेचैली गांव के वार्ड नंबर-13 स्थित घर पर त्वरित छापेमारी की। पुलिस को देखते ही अपराधी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तीन को मौके पर दबोच लिया। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना फरार होने में सफल रहा। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान रवि कुमार, ब्रजानंद कुमार और करण कुमार के रूप में हुई है। ये सभी पेचैली गांव के वार्ड नंबर-03 के निवासी हैं। छापेमारी के दौरान ट्रंक और रसोई घर से 17,95,000 रुपए नगद बरामद किए गए। साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद इसके अलावा, पुलिस ने 2 लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन, 1 कीबोर्ड, 2 माउस, 1 पेनड्राइव, 2 फिंगरप्रिंट डिवाइस, 4 OTG डिवाइस, 2 USB डिवाइस, कई बैंक पासबुक, चेकबुक और भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड भी जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन से फर्जी आधार कार्ड बनाने, फिंगरप्रिंट डेटा और फेस डिटेक्शन से संबंधित संदिग्ध फोटो-वीडियो मिले हैं। यह गिरोह आम लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाकर अवैध तरीके से पैसे निकालता था। इस मामले में साइबर थाना अररिया में कांड संख्या-21/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार मुख्य सरगना और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। OTP की सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील छापेमारी दल में महिला निरीक्षक रोमा कुमारी, महलगांव थाना , निरीक्षक सुमित कुमार सुमन और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। यह कार्रवाई साइबर अपराध पर अररिया पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, आधार और OTP की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अररिया पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक बड़े गिरोह पर कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर महलगांव थाना क्षेत्र के पेचैली गांव में छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 17 लाख 95 हजार रुपए नगद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। गश्ती के दौरान मिली सूचना पर पुलिस टीम ने पेचैली गांव के वार्ड नंबर-13 स्थित घर पर त्वरित छापेमारी की। पुलिस को देखते ही अपराधी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तीन को मौके पर दबोच लिया। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना फरार होने में सफल रहा। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान रवि कुमार, ब्रजानंद कुमार और करण कुमार के रूप में हुई है। ये सभी पेचैली गांव के वार्ड नंबर-03 के निवासी हैं। छापेमारी के दौरान ट्रंक और रसोई घर से 17,95,000 रुपए नगद बरामद किए गए। साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद इसके अलावा, पुलिस ने 2 लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन, 1 कीबोर्ड, 2 माउस, 1 पेनड्राइव, 2 फिंगरप्रिंट डिवाइस, 4 OTG डिवाइस, 2 USB डिवाइस, कई बैंक पासबुक, चेकबुक और भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड भी जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन से फर्जी आधार कार्ड बनाने, फिंगरप्रिंट डेटा और फेस डिटेक्शन से संबंधित संदिग्ध फोटो-वीडियो मिले हैं। यह गिरोह आम लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाकर अवैध तरीके से पैसे निकालता था। इस मामले में साइबर थाना अररिया में कांड संख्या-21/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फरार मुख्य सरगना और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। OTP की सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील छापेमारी दल में महिला निरीक्षक रोमा कुमारी, महलगांव थाना , निरीक्षक सुमित कुमार सुमन और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। यह कार्रवाई साइबर अपराध पर अररिया पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, आधार और OTP की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


