गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट से 3 शातिर साइबर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये फर्जी दस्तावेजों से मर्चेन्ट क्यूआर कोड बनाकर साइबर ठगी करते थे। ठगों की पहचान कुशीनगर जिले के तमकुहीराज थाना के बसडिला गुनाकर निवासी संकेत राय, गोरखनाथ के शहीद अब्दुल्ला नगर का तौहीद आलम और शाहपुर आवास विकास कॉलोनी के राज सिंह के रूप में हुई। तीनों ठगों ने कोतवाली क्षेत्र में ठिकाना बनाया हुआ था। पुलिस ने पूछताछ कर तीनों आरोपियों को जेल भिजवा दिया। पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस में बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एसपी सिटी निमिष पाटील और सीओ कोतवाली ओंकर दत तिवारी ने संयुक्त रूप से इस गिरोह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए ठगों में संकेत राय गिरोह का सरगना है। तीनों ठग कोतवाली इलाके एक अपार्टमेंट में 2 साल से किराए का फ्लैट लेकर रह रहे थे। यहीं से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से गूगल पे, भारत पे समेत अन्य कंपनियों का मर्चेंट क्यू आर कोड तैयार करते थे। जिसका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से अर्जित धनराशि के लेन-देन और निकासी में किया जाता है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आमजनमानस को बहला फुसलाकर उनका म्यूल बैंक खाता खुलवाया जाता था। उन म्यूल खातों को हम मिलकर फर्जी तरीके से पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड बनाकर उन खातों को गूगल पे, भारत पे मर्चेंट के तौर पर पंजीकृत करते थे। इसके बाद मर्चेंट क्यूआर कोड और मर्चेंट साउंड पॉड अटैच किया जाता था। जिससे म्यूल बैंक खातों में प्रतिदिन का लेन-देन बढ़ जाता था। ऑनलाइन एनसीआरपी पर कंपलेन करने पर भी म्यूल खाता जल्दी फ्रीज नहीं होता था। इनके पास से पुलिस ने कूटरचित पैन कार्ड, बैंक एकाउंट की डिटेल, आधार कार्ड की फोटो मिली है। जिस पर विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन साइबर कंपलेन दर्ज है। बैंक खातों की डिटेलों में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड के राशि का लेनदेन पाया गया है। इस गिरोह को पकड़ने में साइबर कमांडो उप निरीक्षक उपेंद्र सिंह, एंटी थेप्ट टीम और कोतवाली थाने की पुलिस का अहम योगदान है। साइबर ठगों से और भी जानकारी मिली है। इनका नेटवर्क बिहार समेत अन्य राज्यों में फैला हुआ है। पूछताछ के बाद कुछ और लोगों की संलिप्तता मिली है। जिनकी तलाश में पुलिस टीम लग गई है।


