अररिया में एक फाइनेंस कंपनी के फील्ड ऑफिसर को लूट के प्रयास के दौरान गोली मार दी गई। इस घटना के 12 घंटे के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना आरएस थाना क्षेत्र में नहर रोड स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के पास 25 अप्रैल को हुई थी। शाम करीब 4 बजे भारत फाइनेंस कंपनी के फील्ड ऑफिसर मोहम्मद रुस्तम अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान केटीएम बाइक सवार तीन अपराधियों ने उन्हें रोककर लूटपाट का प्रयास किया। जब रुस्तम ने इसका विरोध किया, तो अपराधियों ने उनके दाहिने पैर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया घायल रुस्तम को तुरंत सदर अस्पताल, अररिया में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक इलाज किया गया। बेहतर उपचार के लिए उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। पीड़ित के बयान के आधार पर आरएस थाना में लूट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छानबीन टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मानव सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तेजी से छानबीन शुरू की। पुलिस ने मात्र 12 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अमित कुमार यादव (24 वर्ष) और सुमित कुमार यादव (23 वर्ष) दोनों निवासी सिमराहा, तथा रविशंकर कुमार उर्फ भोला (30 वर्ष) निवासी ओम नगर, जिला अररिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक देसी कट्टा, एक मिसफायर कारतूस, एक देसी पिस्तौल, स्प्रिंग युक्त मैगजीन, घटना वाली केटीएम बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। दो अपराधी थाना में अपराधी परेड में आते थे अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने एक प्रेस वार्ता कर इस सफल कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें से दो अपराधी थाना में अपराधी परेड में भी नियमित रूप से आते थे, फिर भी उन्होंने इस जघन्य घटना को अंजाम दिया। पूर्व में भी इनकी कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता सामने आ चुकी है। पुलिस अब अन्य पहलुओं जैसे संभवतः गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे मामले की गहराई पर अनुसंधान जारी रखे हुए है। इस छापेमारी दल में सिमराहा थाना प्रभारी प्रेम कुमार, संतोष कुमार, आरएस थाना प्रभारी अंकुर, त्रिपुरारी कुमार और डीआईयू टीम के सदस्य शामिल थे। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति यह घटना अररिया जिले में बढ़ते साइबर और फाइनेंस सेक्टर से जुड़े अपराधों की ओर इशारा करती है। पुलिस का दावा है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही उन्होंने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की है। अररिया में एक फाइनेंस कंपनी के फील्ड ऑफिसर को लूट के प्रयास के दौरान गोली मार दी गई। इस घटना के 12 घंटे के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना आरएस थाना क्षेत्र में नहर रोड स्थित रेलवे ओवर ब्रिज के पास 25 अप्रैल को हुई थी। शाम करीब 4 बजे भारत फाइनेंस कंपनी के फील्ड ऑफिसर मोहम्मद रुस्तम अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान केटीएम बाइक सवार तीन अपराधियों ने उन्हें रोककर लूटपाट का प्रयास किया। जब रुस्तम ने इसका विरोध किया, तो अपराधियों ने उनके दाहिने पैर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया घायल रुस्तम को तुरंत सदर अस्पताल, अररिया में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक इलाज किया गया। बेहतर उपचार के लिए उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। पीड़ित के बयान के आधार पर आरएस थाना में लूट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छानबीन टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मानव सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तेजी से छानबीन शुरू की। पुलिस ने मात्र 12 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अमित कुमार यादव (24 वर्ष) और सुमित कुमार यादव (23 वर्ष) दोनों निवासी सिमराहा, तथा रविशंकर कुमार उर्फ भोला (30 वर्ष) निवासी ओम नगर, जिला अररिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक देसी कट्टा, एक मिसफायर कारतूस, एक देसी पिस्तौल, स्प्रिंग युक्त मैगजीन, घटना वाली केटीएम बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। दो अपराधी थाना में अपराधी परेड में आते थे अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने एक प्रेस वार्ता कर इस सफल कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें से दो अपराधी थाना में अपराधी परेड में भी नियमित रूप से आते थे, फिर भी उन्होंने इस जघन्य घटना को अंजाम दिया। पूर्व में भी इनकी कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता सामने आ चुकी है। पुलिस अब अन्य पहलुओं जैसे संभवतः गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे मामले की गहराई पर अनुसंधान जारी रखे हुए है। इस छापेमारी दल में सिमराहा थाना प्रभारी प्रेम कुमार, संतोष कुमार, आरएस थाना प्रभारी अंकुर, त्रिपुरारी कुमार और डीआईयू टीम के सदस्य शामिल थे। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति यह घटना अररिया जिले में बढ़ते साइबर और फाइनेंस सेक्टर से जुड़े अपराधों की ओर इशारा करती है। पुलिस का दावा है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही उन्होंने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की है।


