दरभंगा में मो. सलमान की हत्या हुई थी। पुलिस ने मृतक की प्रेमिका, उसके पिता और भाई को गिरफ्तार किया है। मो. सलमान का नाबालिग के साथ अफेयर चल रहा था। प्रभारी थानाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि हत्या के बाद शुरुआती दौर में तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी, लेकिन ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पीआर बांड पर छोड़ दिया गया था। बाद में तकनीकी और अन्य साक्ष्य मिलने के बाद सोमवार को फिर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। साक्ष्य सामने रखे जाने पर तीनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद प्रेमिका, उसके पिता मंजर आलम और भाई अरमान मलिक उर्फ अमन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामला लहेरियासराय थाना क्षेत्र का है।
1 मई को मारपीट के बाद गोली मारी थी घटना 1 मई की है। सिरनिया गांव निवासी मोहम्मद रहमत अली के का बेटा मोहम्मद सलमान (24) अपनी प्रेमिका के साथ रेस्टोरेंट गया था। वहां से लौटने के दौरान रहमगंज इलाके में तीन-चार बाइक सवार युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने पहले उसकी जमकर पिटाई की और फिर उसे भीगो की ओर ले गए। वहां बगीचे में ले जाकर मारपीट के बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। श्मशान घाट के पास मिली थी लाश बताया जाता है कि घटना से पहले सलमान ने अपने मामा से फोन कर 2000 रुपये मंगवाए थे। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने रात भर खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगली सुबह भीगो श्मशान घाट के पास बगीचे में शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे मामा परवेज आलम और तनवीर आलम ने शव की पहचान की।
4 के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल पर टेक्निकल सेल और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी। मामले में मृतक के मामा तनवीर आलम के आवेदन पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। दरभंगा में मो. सलमान की हत्या हुई थी। पुलिस ने मृतक की प्रेमिका, उसके पिता और भाई को गिरफ्तार किया है। मो. सलमान का नाबालिग के साथ अफेयर चल रहा था। प्रभारी थानाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि हत्या के बाद शुरुआती दौर में तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी, लेकिन ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पीआर बांड पर छोड़ दिया गया था। बाद में तकनीकी और अन्य साक्ष्य मिलने के बाद सोमवार को फिर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। साक्ष्य सामने रखे जाने पर तीनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद प्रेमिका, उसके पिता मंजर आलम और भाई अरमान मलिक उर्फ अमन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामला लहेरियासराय थाना क्षेत्र का है।
1 मई को मारपीट के बाद गोली मारी थी घटना 1 मई की है। सिरनिया गांव निवासी मोहम्मद रहमत अली के का बेटा मोहम्मद सलमान (24) अपनी प्रेमिका के साथ रेस्टोरेंट गया था। वहां से लौटने के दौरान रहमगंज इलाके में तीन-चार बाइक सवार युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने पहले उसकी जमकर पिटाई की और फिर उसे भीगो की ओर ले गए। वहां बगीचे में ले जाकर मारपीट के बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। श्मशान घाट के पास मिली थी लाश बताया जाता है कि घटना से पहले सलमान ने अपने मामा से फोन कर 2000 रुपये मंगवाए थे। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने रात भर खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगली सुबह भीगो श्मशान घाट के पास बगीचे में शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे मामा परवेज आलम और तनवीर आलम ने शव की पहचान की।
4 के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल पर टेक्निकल सेल और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी। मामले में मृतक के मामा तनवीर आलम के आवेदन पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


