कोर्ट रिपोर्टर| बेगूसराय करीब ढाई वर्ष पुराने माला देवी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश देव प्रकाश मोदी की अदालत ने दोषी बाबू साहेब कुमार सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी को उम्रकैद के साथ 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी दी है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अपर लोक अभियोजक मनोज ठाकुर ने बताया कि साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के रहुआ गांव निवासी विधा सागर सिंह ने 15 दिसंबर 2023 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन में कहा गया था कि 13 दिसंबर की देर रात आरोपी बाबू साहेब कुमार सिंह उनके घर में घुसकर मकई से भरा बोरा लेकर भागने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान घर में सो रही उनकी बहू माला देवी और पोती भारती कुमारी की नींद खुल गई। लोगों के जाग जाने पर आरोपी मकई का बोरा छोड़कर फरार हो गया था। घर में घुसकर किया था हमला प्राथमिकी के अनुसार अगले दिन 14 दिसंबर की सुबह करीब पांच बजे आरोपी फिर घर पहुंचा। उसके एक हाथ में शराब की बोतल और दूसरे हाथ में खंती थी। घर में घुसते ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए माला देवी के सिर पर खंती से हमला कर दिया। हमले में माला देवी गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गईं। परिजनों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट रिपोर्टर| बेगूसराय करीब ढाई वर्ष पुराने माला देवी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश देव प्रकाश मोदी की अदालत ने दोषी बाबू साहेब कुमार सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी को उम्रकैद के साथ 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी दी है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अपर लोक अभियोजक मनोज ठाकुर ने बताया कि साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के रहुआ गांव निवासी विधा सागर सिंह ने 15 दिसंबर 2023 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन में कहा गया था कि 13 दिसंबर की देर रात आरोपी बाबू साहेब कुमार सिंह उनके घर में घुसकर मकई से भरा बोरा लेकर भागने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान घर में सो रही उनकी बहू माला देवी और पोती भारती कुमारी की नींद खुल गई। लोगों के जाग जाने पर आरोपी मकई का बोरा छोड़कर फरार हो गया था। घर में घुसकर किया था हमला प्राथमिकी के अनुसार अगले दिन 14 दिसंबर की सुबह करीब पांच बजे आरोपी फिर घर पहुंचा। उसके एक हाथ में शराब की बोतल और दूसरे हाथ में खंती थी। घर में घुसते ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए माला देवी के सिर पर खंती से हमला कर दिया। हमले में माला देवी गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गईं। परिजनों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


