आईसीडीएस के पोषण पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत बिहार राज्य की प्रखंडवार रैंकिंग में मधुबनी जिले के दो प्रखंडों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। झंझारपुर प्रखंड ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मधेपुर प्रखंड द्वितीय स्थान पर रहा। इस उपलब्धि के लिए झंझारपुर की तत्कालीन सीडीपीओ श्रीमती रजनी कुमारी, मधेपुर की सीडीपीओ श्रीमती लक्ष्मी रानी और दोनों प्रखंडों के ब्लॉक समन्वयक श्री आलोक कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान पोषण पखवाड़ा 2026 के समापन समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और सामाजिक कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती वंदना प्रेयसी द्वारा प्रदान किया गया। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन को दिया उपलब्धि का श्रेय इस सफलता पर जिला प्रशासन में हर्ष का माहौल है। अधिकारियों और कर्मियों ने इसे टीमवर्क, सतत प्रयासों और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताया। इस उपलब्धि का श्रेय जिलाधिकारी आनंद शर्मा के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को भी दिया गया, जिनके नेतृत्व में पोषण से जुड़ी योजनाओं का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया। यह उपलब्धि न केवल मधुबनी जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगी। यह जिले के अन्य प्रखंडों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि समर्पण और सही दिशा में प्रयासों से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। आईसीडीएस के पोषण पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत बिहार राज्य की प्रखंडवार रैंकिंग में मधुबनी जिले के दो प्रखंडों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। झंझारपुर प्रखंड ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मधेपुर प्रखंड द्वितीय स्थान पर रहा। इस उपलब्धि के लिए झंझारपुर की तत्कालीन सीडीपीओ श्रीमती रजनी कुमारी, मधेपुर की सीडीपीओ श्रीमती लक्ष्मी रानी और दोनों प्रखंडों के ब्लॉक समन्वयक श्री आलोक कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान पोषण पखवाड़ा 2026 के समापन समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और सामाजिक कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती वंदना प्रेयसी द्वारा प्रदान किया गया। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन को दिया उपलब्धि का श्रेय इस सफलता पर जिला प्रशासन में हर्ष का माहौल है। अधिकारियों और कर्मियों ने इसे टीमवर्क, सतत प्रयासों और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम बताया। इस उपलब्धि का श्रेय जिलाधिकारी आनंद शर्मा के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को भी दिया गया, जिनके नेतृत्व में पोषण से जुड़ी योजनाओं का सफल संचालन सुनिश्चित किया गया। यह उपलब्धि न केवल मधुबनी जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगी। यह जिले के अन्य प्रखंडों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि समर्पण और सही दिशा में प्रयासों से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।


