धनबाद में भू-धंसान से 10 घर जमींदोज, 5 दबे:रात में ही मलबे में दबे लोगों को निकाला गया, एक की हालत गंभीर; लोगों में दहशत

धनबाद में भू-धंसान से 10 घर जमींदोज, 5 दबे:रात में ही मलबे में दबे लोगों को निकाला गया, एक की हालत गंभीर; लोगों में दहशत

धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह ओपी क्षेत्र स्थित टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार रात भू-धंसान की घटना हुई। तेज धमाके के साथ जमीन धंसने से लगभग 10 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस हादसे में 5 लोग मलबे में दब गए। हालांकि उन्हें तुरंत निकाल लिया गया। एक की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज के लिए धनबाद के असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मैदान और मंदिर में अस्थायी आशियाना जमीन हिलने और तेज आवाज सुनकर लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। कई लोग मलबे में दब गए थे, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रभावित परिवारों को पास के मैदान और मंदिर में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। जमीन अंदर से खोखली हो गई है घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षों से हो रहे कोयला उत्खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई है, जिससे बार-बार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं। विरोध में ग्रामीणों ने चास-राजगंज फोरलेन सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाघमारा के अंचलाधिकारी गिरिजानंद किस्कू ने बताया कि इस घटना से प्रभावित 21 से 27 परिवारों को जल्द ही सुरक्षित स्थान पर बसाया जाएगा। प्रभावित स्कूल को भी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल टंडाबाड़ी बस्ती में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन और बीसीसीएल से इन पीड़ित परिवारों के लिए स्थायी समाधान और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह ओपी क्षेत्र स्थित टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार रात भू-धंसान की घटना हुई। तेज धमाके के साथ जमीन धंसने से लगभग 10 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस हादसे में 5 लोग मलबे में दब गए। हालांकि उन्हें तुरंत निकाल लिया गया। एक की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज के लिए धनबाद के असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मैदान और मंदिर में अस्थायी आशियाना जमीन हिलने और तेज आवाज सुनकर लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। कई लोग मलबे में दब गए थे, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रभावित परिवारों को पास के मैदान और मंदिर में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। जमीन अंदर से खोखली हो गई है घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षों से हो रहे कोयला उत्खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई है, जिससे बार-बार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं। विरोध में ग्रामीणों ने चास-राजगंज फोरलेन सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाघमारा के अंचलाधिकारी गिरिजानंद किस्कू ने बताया कि इस घटना से प्रभावित 21 से 27 परिवारों को जल्द ही सुरक्षित स्थान पर बसाया जाएगा। प्रभावित स्कूल को भी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल टंडाबाड़ी बस्ती में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन और बीसीसीएल से इन पीड़ित परिवारों के लिए स्थायी समाधान और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।  

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