सारण जिले के एकमा की 10 वर्षीय अमृता कुमारी को कटे होंठ और तालू की सर्जरी के लिए बुधवार को पटना के आईजीआईएमएस भेजा गया। एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम ने इसकी व्यवस्था की।
आरबीएसके टीम के चिकित्सक डॉ. अमरजीत कुमार सिंह की पहल पर अमृता को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) भेजा गया। इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आयुष्मान कुमार, डॉ. अमरजीत कुमार सिंह, स्वास्थ्यकर्मी और एंबुलेंसकर्मी मौजूद थे। बच्ची के परिजन भी उसके साथ गए।
आईजीआईएमएस में कटे होंठ, कटे तालू और इनसे जुड़ी अन्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए तैयार सारण जिले के बच्चों की सूची में अमृता का नाम क्रम संख्या चार पर है। सूची में उसकी उम्र 10 वर्ष और समस्या कटे होंठ व कटे तालू दर्ज है। उसके पिता का नाम समीर राम और माता का नाम स्मिता देवी है।
डॉ. अमरजीत कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के तय कार्यक्रम के तहत अमृता को इलाज के लिए पटना भेजा गया है। आईजीआईएमएस में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में आगे का इलाज होगा।
आरबीएसके का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात समस्याओं सहित अन्य स्वास्थ्य दिक्कतों की समय पर पहचान कर इलाज उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञों की सलाह और इलाज के लिए बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में मदद की जाती है। सारण जिले के एकमा की 10 वर्षीय अमृता कुमारी को कटे होंठ और तालू की सर्जरी के लिए बुधवार को पटना के आईजीआईएमएस भेजा गया। एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम ने इसकी व्यवस्था की।
आरबीएसके टीम के चिकित्सक डॉ. अमरजीत कुमार सिंह की पहल पर अमृता को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) भेजा गया। इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आयुष्मान कुमार, डॉ. अमरजीत कुमार सिंह, स्वास्थ्यकर्मी और एंबुलेंसकर्मी मौजूद थे। बच्ची के परिजन भी उसके साथ गए।
आईजीआईएमएस में कटे होंठ, कटे तालू और इनसे जुड़ी अन्य समस्याओं से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए तैयार सारण जिले के बच्चों की सूची में अमृता का नाम क्रम संख्या चार पर है। सूची में उसकी उम्र 10 वर्ष और समस्या कटे होंठ व कटे तालू दर्ज है। उसके पिता का नाम समीर राम और माता का नाम स्मिता देवी है।
डॉ. अमरजीत कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के तय कार्यक्रम के तहत अमृता को इलाज के लिए पटना भेजा गया है। आईजीआईएमएस में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में आगे का इलाज होगा।
आरबीएसके का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात समस्याओं सहित अन्य स्वास्थ्य दिक्कतों की समय पर पहचान कर इलाज उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञों की सलाह और इलाज के लिए बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में मदद की जाती है।

