हिसुआ गोलीबारी को जातीय रंग देने का विरोध:नवादा में भूमिहार समाज ने किया शक्ति प्रदर्शन; निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, एक की मौत, 2घायल

हिसुआ गोलीबारी को जातीय रंग देने का विरोध:नवादा में भूमिहार समाज ने किया शक्ति प्रदर्शन; निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, एक की मौत, 2घायल

नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र के चंद्रवंशी नगर में कॉलेज विवाद को लेकर गोलीबारी हुई थी। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे पक्ष के दो युवक घायल हुए थे। इस मामले को जातीय रंग दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को हिसुआ इंटर विद्यालय में भूमिहार समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटे। यह कार्यक्रम रणवीर सेना के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसमें छात्र, युवा और बुद्धिजीवी शामिल हुए। रणवीर सेना के संस्थापक दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया के नाती मोनू सिंह, समाजसेवी पुष्कर नारायण सिंह और राणा दीपू सिंह ने इस सभा को बुलाया था। वक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी घटना को जातीय विवाद का रूप देकर पूरे समाज को निशाना बनाना गलत है। बदनाम करने की कोशिश नहीं की जाएगी बर्दाशत वक्ताओं ने चेतावनी दी कि भूमिहार समाज को बदनाम करने या उन्हें निशाना बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस जांच से पहले ही मामले में नतीजे निकालने और राजनीतिक बयानबाजी पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं ने मांग की कि गोलीबारी में दोनों पक्षों की भूमिका की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। समाज के लोगों ने पुलिस और कानून व्यवस्था के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि वे कानून और पुलिस के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन कार्रवाई किसी एक पक्ष तक सीमित नहीं होनी चाहिए। वक्ताओं ने यह भी दावा किया कि घायल पक्ष की ओर से पुलिस को आवेदन दिए जाने के 48 घंटे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दोनों पक्षों को सही न्याय दिलाने की मांग उन्होंने पुलिस से बिना किसी दबाव के दोनों पक्षों के तथ्यों की जांच करने और सही न्याय दिलाने की मांग की। कार्यक्रम के बाद रणवीर सेना का काफिला पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़ा। यह काफिला घायल अखिलेश के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित घर और चंदन के पैतृक गांव बगोदर पहुंचा। वहां पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया गया। पिछले मंगलवार को प्रणव कुमार उर्फ पीयूष की गोली मारकर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में अब सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। पुलिस ने 13 मुकदमे दर्ज किए हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र के चंद्रवंशी नगर में कॉलेज विवाद को लेकर गोलीबारी हुई थी। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे पक्ष के दो युवक घायल हुए थे। इस मामले को जातीय रंग दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को हिसुआ इंटर विद्यालय में भूमिहार समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटे। यह कार्यक्रम रणवीर सेना के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसमें छात्र, युवा और बुद्धिजीवी शामिल हुए। रणवीर सेना के संस्थापक दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया के नाती मोनू सिंह, समाजसेवी पुष्कर नारायण सिंह और राणा दीपू सिंह ने इस सभा को बुलाया था। वक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी घटना को जातीय विवाद का रूप देकर पूरे समाज को निशाना बनाना गलत है। बदनाम करने की कोशिश नहीं की जाएगी बर्दाशत वक्ताओं ने चेतावनी दी कि भूमिहार समाज को बदनाम करने या उन्हें निशाना बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस जांच से पहले ही मामले में नतीजे निकालने और राजनीतिक बयानबाजी पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं ने मांग की कि गोलीबारी में दोनों पक्षों की भूमिका की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। समाज के लोगों ने पुलिस और कानून व्यवस्था के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि वे कानून और पुलिस के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन कार्रवाई किसी एक पक्ष तक सीमित नहीं होनी चाहिए। वक्ताओं ने यह भी दावा किया कि घायल पक्ष की ओर से पुलिस को आवेदन दिए जाने के 48 घंटे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दोनों पक्षों को सही न्याय दिलाने की मांग उन्होंने पुलिस से बिना किसी दबाव के दोनों पक्षों के तथ्यों की जांच करने और सही न्याय दिलाने की मांग की। कार्यक्रम के बाद रणवीर सेना का काफिला पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़ा। यह काफिला घायल अखिलेश के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित घर और चंदन के पैतृक गांव बगोदर पहुंचा। वहां पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया गया। पिछले मंगलवार को प्रणव कुमार उर्फ पीयूष की गोली मारकर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में अब सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। पुलिस ने 13 मुकदमे दर्ज किए हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया है।  

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