भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय और अभूतपूर्व योगदान देने वाले राज्य के 38 सरकारी शिक्षकों को ‘राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026′ से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने चयनित शिक्षकों को मंच पर मेडल, प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान पूरे हॉल में शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह की देखें तस्वीर… बिहार के सभी 38 जिलों से चुना गया एक-एक उत्कृष्ट शिक्षक इस वर्ष बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों से एक-एक उत्कृष्ट सरकारी शिक्षक का चयन किया था। शैक्षणिक योगदान, नवाचार, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को आधार षिक्षकों का चयन किया गया। 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं शामिल सम्मानित होने वाले 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं। इसे शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने में महिला शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। चयनित शिक्षकों में पटना जिले के पालीगंज की प्रधान शिक्षिका अपराजिता कुमारी, गया की गुड्डी कुमारी, नालंदा के सौरभ कुमार और पूर्वी चंपारण के मोहम्मद नूरुल होदा सहित अन्य शिक्षकों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। CM सम्राट बोले- शिक्षक ही बदलते हैं समाज की तस्वीर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा, ‘शिक्षक केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को भी आकार देते हैं। बिहार की ऐतिहासिक ज्ञान और शिक्षा की परंपरा को फिर से मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।’ बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यही लक्ष्य- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की कोशिश है कि बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।’ TRE-4 के जरिए 32 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी TRE-4 के माध्यम से 32 हजार से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।’ उन्होंने कहा, ‘बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।’ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा, ‘बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से लेकर मानव संसाधन और आधुनिक तकनीक तक सभी स्तरों पर सुधार करने की दिशा में काम कर रही है। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, शिक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।’ उनका मानना है कि बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है। बच्चों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को भी तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। शिक्षकों के सम्मान के साथ बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा समारोह के दौरान बिहार शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित और सक्षम बनाना है। इस पहल के बाद बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों और एआई आधारित शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षक नई तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बदलते समय और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा सकें। अब AI और डिजिटल टूल्स से लैस होंगे सरकारी स्कूलों के शिक्षक शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच हुए समझौते को बिहार की शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के दौर में शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे डिजिटल टूल्स से परिचित कराना है, जिनकी मदद से पढ़ाई को अधिक प्रभावी, रोचक और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके। आने वाले समय में एआई आधारित तकनीक शिक्षकों को पाठ्य सामग्री तैयार करने, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को समझने और पढ़ाई के नए तरीकों को अपनाने में भी मददगार हो सकती है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय और अभूतपूर्व योगदान देने वाले राज्य के 38 सरकारी शिक्षकों को ‘राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026′ से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने चयनित शिक्षकों को मंच पर मेडल, प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान पूरे हॉल में शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह की देखें तस्वीर… बिहार के सभी 38 जिलों से चुना गया एक-एक उत्कृष्ट शिक्षक इस वर्ष बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों से एक-एक उत्कृष्ट सरकारी शिक्षक का चयन किया था। शैक्षणिक योगदान, नवाचार, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को आधार षिक्षकों का चयन किया गया। 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं शामिल सम्मानित होने वाले 38 शिक्षकों में 17 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं। इसे शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों में बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने में महिला शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। चयनित शिक्षकों में पटना जिले के पालीगंज की प्रधान शिक्षिका अपराजिता कुमारी, गया की गुड्डी कुमारी, नालंदा के सौरभ कुमार और पूर्वी चंपारण के मोहम्मद नूरुल होदा सहित अन्य शिक्षकों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। CM सम्राट बोले- शिक्षक ही बदलते हैं समाज की तस्वीर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा, ‘शिक्षक केवल बच्चों को पाठ्यक्रम की शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को भी आकार देते हैं। बिहार की ऐतिहासिक ज्ञान और शिक्षा की परंपरा को फिर से मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।’ बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यही लक्ष्य- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की कोशिश है कि बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।’ TRE-4 के जरिए 32 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी TRE-4 के माध्यम से 32 हजार से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।’ उन्होंने कहा, ‘बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।’ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा, ‘बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से लेकर मानव संसाधन और आधुनिक तकनीक तक सभी स्तरों पर सुधार करने की दिशा में काम कर रही है। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं, शिक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।’ उनका मानना है कि बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है। बच्चों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को भी तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। शिक्षकों के सम्मान के साथ बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा समारोह के दौरान बिहार शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित और सक्षम बनाना है। इस पहल के बाद बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों और एआई आधारित शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षक नई तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बदलते समय और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा सकें। अब AI और डिजिटल टूल्स से लैस होंगे सरकारी स्कूलों के शिक्षक शिक्षा विभाग और गूगल इंडिया के बीच हुए समझौते को बिहार की शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के दौर में शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे डिजिटल टूल्स से परिचित कराना है, जिनकी मदद से पढ़ाई को अधिक प्रभावी, रोचक और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके। आने वाले समय में एआई आधारित तकनीक शिक्षकों को पाठ्य सामग्री तैयार करने, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को समझने और पढ़ाई के नए तरीकों को अपनाने में भी मददगार हो सकती है।

