हापुड़ में करीब 72 लाख रुपये के 650 मीट्रिक टन चावल गायब होने का मामला सामने आया है। एक चावल कारोबारी ने आरोप लगाया है कि एफसीआई के गोदाम से हापुड़ भेजे गए चावल को फर्जी दस्तावेज और नंबर प्लेट के जरिए रास्ते में ही हड़प लिया गया। कारोबारी ने ट्रांसपोर्टर और अज्ञात चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हापुड़ देहात थाने में शिकायत दी है। पक्का बाग के रहने वाले कारोबारी अनुज गर्ग ने बताया कि उनकी फर्म मैसर्स मनोज कुमार अनुज कुमार चावल का थोक कारोबार करती है। उन्होंने ओएमएस योजना के तहत एफसीआई से टेंडर के जरिए 350 मीट्रिक टन चावल खरीदा था। उनकी सहयोगी फर्म श्यामजी ट्रेडिंग कंपनी के यश कंसल ने भी करीब 300 मीट्रिक टन चावल खरीदा था। यह सारा चावल एफसीआई के आजमगढ़-बलिया इलाके के गोदाम में रखा था। कारोबारी के मुताबिक, चावल को हापुड़ लाने के लिए सीतापुर के ट्रांसपोर्टर जतिन्द्र सलूजा से बात की गई। आरोप है कि 10 सितंबर को ट्रांसपोर्टर ने BR-06 GG-2705 नंबर के ट्रक के कागजात दिए। इन कागजात पर भरोसा करके एफसीआई गोदाम से चावल ट्रक में लोड कर हापुड़ के लिए भेज दिया गया। लेकिन तय समय पर भी चावल हापुड़ नहीं पहुंचा। जब कारोबारी ने चालक से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद ट्रांसपोर्टर से जानकारी मांगी गई। आरोप है कि शुरुआत में ट्रांसपोर्टर ने साफ जानकारी नहीं दी और मामले को टालते रहे। मामला संदिग्ध लगने पर जब ट्रक की लोकेशन पता की गई, तो सामने आया कि वह वाहन पश्चिम बंगाल में चल रहा है। इसके बाद कारोबारी को शक हुआ कि चावल लाने के लिए जो ट्रक के कागजात दिए गए थे, वे गलत थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फर्जी कागजात और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करके किसी दूसरे वाहन से 650 मीट्रिक टन चावल हड़प लिया गया है।

