ग्रेनाइट कारोबारी आर वीरमानी मामले पर फूटा खुशबू सुंदर का गुस्सा, बोलीं- ताकतवर लोगों को कानून से ऊपर नहीं होने देना चाहिए

ग्रेनाइट कारोबारी आर वीरमानी मामले पर फूटा खुशबू सुंदर का गुस्सा, बोलीं- ताकतवर लोगों को कानून से ऊपर नहीं होने देना चाहिए

Khushboo Sundar R Veeramani Case: बच्चों के साथ यौन अपराध से जुड़े किसी भी मामले में सबसे अहम सवाल उनकी सुरक्षा और न्याय का होता है। अब ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु में चर्चा में है, जिसमें ग्रेनाइट कारोबारी आर वीरमानी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत जांच चल रही है। इसी मामले पर अभिनेत्री, निर्माता और राजनेता खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर आरोप कानूनी प्रक्रिया में साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

खुशबू सुंदर ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कहा?

खुशबू सुंदर ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर इस मामले को लेकर चिंता जताई। उन्होंने अपने पोस्ट में बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि किसी बच्चे के साथ हुई ज्यादती को पैसे या प्रभाव के जरिए दबाया नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति के पास पैसा, प्रभाव या बड़े लोगों से संपर्क हो, तो क्या वह जांच और कानून की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। खुशबू ने खास तौर पर इस मामले में सामने आए 70 करोड़ रुपये से जुड़े कथित लेनदेन की जांच किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह से पीड़ित की आवाज दबाने या जांच में रुकावट डालने की कोशिश हुई है तो उसकी भी पड़ताल होनी चाहिए।

आर वीरमानी पर क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ये मामला अक्टूबर 2025 में सामने आया था। पुलिस को एक पेन ड्राइव मिली थी, जिसमें कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण का वीडियो था। शुरुआती जांच में पुलिस लड़की की पहचान या उसका पता नहीं लगा पाई थी और मामले को बंद करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, विशेष पॉक्सो अदालत ने 19 अगस्त को क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार नहीं की और पुलिस को आगे जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद जांच में तेजी आई और आर वीरमानी को गिरफ्तार किया गया।

बाद की जांच में पुलिस ने उस लड़की का पता लगा लिया, जो कथित वीडियो में दिखाई दे रही थी। पुलिस के मुताबिक उसका बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया। जांचकर्ताओं ने यह भी कहा कि मामले में अन्य संभावित पीड़ितों के बयान लिए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में कई अन्य लड़कियों के पुलिस के सामने बयान देने की बात भी सामने आई है। हालांकि मामले में लगे आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

जांच में और लोग भी आए घेरे में

जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने वीरमणि के दो सहयोगियों शांति और महेंद्र सिम्हन को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद 22 सितंबर को उनके लंबे समय से सहयोगी रहे गणेशन को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार गणेशन के मोबाइल फोन में कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिली थी और अब यह भी जांच का हिस्सा है कि वीडियो उसके पास कैसे पहुंचा और उसने इसकी जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी।

मामले में कथित वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं पैसे या प्रभाव के जरिए जांच को प्रभावित करने का प्रयास तो नहीं हुआ।

खुशबू सुंदर ने की जवाबदेही की मांग

खुशबू सुंदर ने कहा है कि अगर आरोप अदालत की प्रक्रिया में साबित होते हैं तो दोषी लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का प्रभाव या पैसा कानून के रास्ते में बाधा नहीं बनना चाहिए। फिलहाल वीरमणि के खिलाफ जांच जारी है और मामले में अंतिम दोष या निर्दोषता अदालत की प्रक्रिया से तय होगी।

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