हर-हर गंगे के जयघोष और शंखध्वनि से गूंजा अगुवानी घाट

हर-हर गंगे के जयघोष और शंखध्वनि से गूंजा अगुवानी घाट

भास्कर न्यूज| मड़ैया अगुवानी घाट पर गंगा महाआरती के दौरान ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से पूरा गंगा तट गुंजायमान होता रहा। गंगा की लहरों पर झिलमिलाते दीपों का विहंगम दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मड़ैया समेत आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की मौजूदगी में देर रात तक पूरा घाट भक्ति और आस्था के उल्लास में डूबा रहा।महाआरती से पूर्व पंडित प्रवीण झा, आचार्य चमन सिंह, रिंकी कुमारी एवं हरिशंकर चौधरी ने वैदिक विधि-विधान से मां गंगा का पूजन कराया। इसके बाद बाबा बैद्यनाथ धाम से पहुंचे आचार्यों की टोली ने पारंपरिक रीति-रिवाज से गंगा महाआरती संपन्न कराई। मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और दीपों की कतारों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मां गंगा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार पंडित ने कहा कि गंगा महाआरती जैसे आयोजन क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। इससे आध्यात्मिक चेतना के साथ समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ती है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं।अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने कहा कि मां गंगा भारतीय सभ्यता, संस्कृति और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। उनकी निर्मलता और पवित्रता बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक बाबूलाल सौर्य ने मां गंगा को भारतीय संस्कृति और जीवन परंपरा का आधार बताया। वहीं, भाजपा नेता चमन सिंह ने कहा कि विधायक के प्रयास से प्रत्येक पूर्णिमा को होने वाली महाआरती नई पीढ़ी को सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। भास्कर न्यूज| मड़ैया अगुवानी घाट पर गंगा महाआरती के दौरान ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से पूरा गंगा तट गुंजायमान होता रहा। गंगा की लहरों पर झिलमिलाते दीपों का विहंगम दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मड़ैया समेत आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की मौजूदगी में देर रात तक पूरा घाट भक्ति और आस्था के उल्लास में डूबा रहा।महाआरती से पूर्व पंडित प्रवीण झा, आचार्य चमन सिंह, रिंकी कुमारी एवं हरिशंकर चौधरी ने वैदिक विधि-विधान से मां गंगा का पूजन कराया। इसके बाद बाबा बैद्यनाथ धाम से पहुंचे आचार्यों की टोली ने पारंपरिक रीति-रिवाज से गंगा महाआरती संपन्न कराई। मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और दीपों की कतारों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मां गंगा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार पंडित ने कहा कि गंगा महाआरती जैसे आयोजन क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। इससे आध्यात्मिक चेतना के साथ समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ती है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं।अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने कहा कि मां गंगा भारतीय सभ्यता, संस्कृति और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। उनकी निर्मलता और पवित्रता बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक बाबूलाल सौर्य ने मां गंगा को भारतीय संस्कृति और जीवन परंपरा का आधार बताया। वहीं, भाजपा नेता चमन सिंह ने कहा कि विधायक के प्रयास से प्रत्येक पूर्णिमा को होने वाली महाआरती नई पीढ़ी को सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है।  

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