इटावा शहर के छैराहा स्थित वृंदावन धाम श्री राधावल्लभ मंदिर में शनिवार शाम 6 बजे से हरियाली तीज का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान राधावल्लभ लाल जी महाराज का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर में ठाकुर जी के लिए आकर्षक हरा-भरा हिंडोला सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के श्रृंगार दर्शन कर पूजा-अर्चना की। हरी पोशाक में सजे ठाकुर जी ठाकुर जी के चरण सेवक गोपाल प्रकाश चंद गोस्वामी और प्रथम शर्मा ने सुबह गर्भगृह में विराजमान भगवान राधावल्लभ लाल जी महाराज का विशेष पूजन-अर्चन किया। इसके बाद ठाकुर जी को नई हरी पोशाक धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को फूलों और हरियाली से सजाया गया था। सावन गीतों पर महिलाओं का नृत्य देर शाम मंदिर में महिला मंडल की ओर से भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। महिलाओं और बच्चों ने सावन के गीतों पर जमकर नृत्य किया। इस दौरान मंदिर परिसर जय जय श्री राधे और ठाकुर जी के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ हिस्सा लिया। दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ हरियाली तीज के अवसर पर भगवान राधावल्लभ लाल जी महाराज के विशेष श्रृंगार और हिंडोला दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के बाद गोपाल प्रकाश चंद गोस्वामी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। ब्रज में तीज का विशेष महत्व गोपाल प्रकाश चंद गोस्वामी ने बताया कि सावन का महीना अध्यात्म के साथ हरियाली का भी प्रतीक माना जाता है। हरियाली बेहतर स्वास्थ्य और प्रकृति की समृद्धि का प्रतीक है। सावन में प्रकृति की मनोरम छटा देखने को मिलती है और आध्यात्मिक दृष्टि से भी इस महीने का विशेष महत्व माना गया है। सावन भर चलता हिंडोला उत्सव उन्होंने बताया कि सावन में पर्व और त्योहारों की संख्या बढ़ जाती है। समूचे ब्रज क्षेत्र में हरियाली तीज से हिंडोला उत्सव की शुरुआत होती है। यह उत्सव पूरे सावन भगवान राधा-कृष्ण की भक्ति में श्रद्धालुओं को जोड़े रखता है। इसी परंपरा के तहत वृंदावन धाम मंदिर में भी हरियाली तीज का आयोजन किया गया।


