इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद जिले के मोहल्ला ईदगाह स्थित मुस्तफा मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर जारी नोटिस को चुनौती देने वाली जीशान अहमद फरीद की रिट याचिका का निस्तारण कर दिया है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने कोर्ट को बताया कि प्राधिकरण ने विवादित नोटिस को तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण मानते हुए वापस ले लिया है और अब कानून के अनुसार नया नोटिस जारी किया जाएगा।
प्राधिकरण के इस बयान को दर्ज करते हुए अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया। क्या था पूरा मामला?
यह याचिका मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत 21 अगस्त 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द करने की मांग को लेकर दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया था कि पाकबड़ा थानाक्षेत्र में दिल्ली रोड (टीएमयू के पास), मोहल्ला ईदगाह स्थित मुस्तफा मस्जिद को न तो सील किया जाए और न ही ध्वस्त किया जाए। साथ ही, मस्जिद का बिजली या पानी का कनेक्शन न काटने और उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या बलपूर्वक कार्रवाई न किए जाने की मांग भी की गई थी।

