हरदा में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने गुरुवार को शहर में संचालित अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को मिल रही आवास, भोजन और पढ़ाई की सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण में मिली व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर जोर कलेक्टर ने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधीक्षिका और संबंधित अधिकारियों से छात्राओं के लिए बेहतर पढ़ाई का माहौल तैयार करने और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम हासिल कर सकें। अन्नापुरा में बरामदे में लगी मिलीं कक्षाएं अन्नापुरा छात्रावास के निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला की कक्षाएं एक बरामदे में संचालित होती मिलीं। परिसर में रखी पानी की टंकी खाली थी, जिसे नगर पालिका के टैंकर से भराया जा रहा था। कलेक्टर ने बताया कि स्कूल के कुछ कमरे खराब हैं। परीक्षा का समय होने के कारण फिलहाल कुछ दिनों के लिए बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। छात्रावास में घास और कम रोशनी मिली अनुसूचित जाति छात्रावास के परिसर में बड़ी-बड़ी घास मिली। वहीं छात्राओं के कमरों में रोशनी कम होने पर कलेक्टर ने पर्याप्त लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से बातचीत भी की। विद्यार्थियों ने उपलब्ध सुविधाओं को लेकर संतुष्टि जताई। विद्यार्थियों को कोडिंग सिखाएगा मिशन कोड शक्ति कलेक्टर जैन ने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘मिशन कोड शक्ति’ अभियान चलाया जा रहा है। हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज के बाद खाली समय में इस अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से उन्हें कोडिंग की जानकारी दी जाएगी। गीला-सूखा कचरा अलग रखने के निर्देश कलेक्टर ने सभी छात्रावास अधीक्षकों को स्वच्छता अभियान के तहत गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के निर्देश दिए। छीपानेर रोड स्थित हॉस्टल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसीलदार को हॉस्टल तक जाने वाले रास्ते की जांच करने को कहा। इसके साथ ही हॉस्टल परिसर में बारिश के दौरान उगी घास और चारे की सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए।

