देवरिया में एक स्कूल में बंदर घुस आया। पहली मंजिल पर कॉपी चेक कर रहे टीचर पर उसने हमला कर दिया। दाहिने हाथ में काटकर घायल कर दिया। टीचर के चिल्लाने की आवाज सुनकर स्कूल प्रशासन के लोग दौड़े और बंदर कर मारकर भगाया। इसके बाद टीचर को लहुलूहान हालत में अस्पताल ले जाया गया है। देवरिया मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा है। घटना शनिवार दोपहर करीब दो बजे की है। एलएन एकेडमी स्कूल में उस समय सामान्य रूप से पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान एक बंदर अचानक परिसर में घुस आया। स्कूल के अंदर बंदर को देखकर बच्चों में अफरातफरी मच गई। शिक्षक और कर्मचारी भी सतर्क हो गए। बंदर को एक कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन वह वहां से निकलकर पहली मंजिल की ओर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि बंदर एक कमरे से दूसरे कमरे में भागता रहा। इसी दौरान उसे बाहर निकालने की कोशिश जारी थी, लेकिन वह पहली मंजिल पर स्थित उस कमरे में पहुंच गया, जहां शिक्षक नरेंद्र बच्चों की कॉपियां जांच रहे थे। कॉपियां जांच रहे शिक्षक पर अचानक झपटा, दाहिने हाथ में काटा पहली मंजिल के कमरे में रुद्रपुर के टेढ़ा वार्ड निवासी 55 वर्षीय शिक्षक नरेंद्र बैठे हुए थे। वह बच्चों की कॉपियां जांचने में व्यस्त थे। इसी दौरान अचानक कमरे में पहुंचे बंदर ने उन पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले से शिक्षक संभल भी नहीं सके। बंदर ने उनके दाहिने हाथ पर काट लिया। हमले में नरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। शिक्षक के घायल होते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने किसी तरह स्थिति संभाली और बंदर को वहां से हटाने का प्रयास किया। वहीं, घायल शिक्षक को तुरंत इलाज के लिए स्कूल से बाहर ले जाया गया। घटना के बाद स्कूल में मौजूद शिक्षक और कर्मचारी नरेंद्र को तत्काल एक निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। चोट गंभीर होने के कारण चिकित्सक ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन और स्कूल के लोग उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। नरेंद्र को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। बंदर के काटने से घायल होने के बाद आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिया जा रहा है। बंदर के दोबारा लौटने की आशंका से सहमे बच्चे, परिसर से बाहर निकालने की कोशिश शिक्षक पर हमले की घटना के बाद स्कूल में काफी देर तक डर और अफरातफरी का माहौल बना रहा। छात्र इस बात को लेकर सहमे रहे कि कहीं बंदर दोबारा किसी दूसरे कमरे में पहुंचकर हमला न कर दे। स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों ने बंदर को परिसर से बाहर निकालने की कोशिश की। घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती आवाजाही और उनके हमलों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ घायल शिक्षक मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे हैं, तो दूसरी तरफ स्कूल परिसर में बंदर के अचानक पहुंचने और शिक्षक पर हमले की घटना ने बच्चों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

