प्रतापगढ़ जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद 29 वर्षीय एक प्रसूता की मौत हो गई। मृतका की पहचान अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के अमरपुर निवासी मनीषा वर्मा के रूप में हुई है। परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने और पैसे लेने का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में संबंधित डॉक्टर का बयान दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है। पहले देखिए तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… मृतका के पति राकेश पटेल के अनुसार, वह शनिवार सुबह करीब 11 बजे अपनी गर्भवती पत्नी मनीषा को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम करीब 5:30 बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे सिजेरियन ऑपरेशन से एक बच्ची का जन्म हुआ। पति का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले डॉक्टर ने पांच हजार रुपये मांगे थे, जिसमें उन्होंने 3,500 रुपये दिए। उन्होंने कुछ अस्पताल कर्मचारियों पर भी अलग से पैसे लेने का आरोप लगाया है। गंभीरता से नहीं किया गया उपचार परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मनीषा को कमरे में शिफ्ट किया गया। कुछ समय तक उसकी हालत ठीक रही और उसने नवजात बच्ची को दूध भी पिलाया। रात करीब 9:30 बजे उसके पेट और पैरों में दर्द शुरू हो गया। पति का आरोप है कि उन्होंने कई बार अस्पताल के स्टाफ और नर्सों को मनीषा की तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी, लेकिन समय पर गंभीरता से उपचार नहीं किया गया। इलाज में लापरवाही का आरोप राकेश के मुताबिक, जब मनीषा की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया और करीब एक घंटे तक सीपीआर दिया। इसके बावजूद रात करीब 11 बजे डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर जिला अस्पताल की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच कर रही है। इस मामले में जिला महिला अस्पताल के सीएमएस रमेश चंद पांडेय ने बताया कि संबंधित डॉक्टर का बयान दर्ज किया जा रहा है। डॉक्टर के बयान और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

