सेविका-सहायिकाओं को सरकारी दर्जा नहीं मिलने पर यूनियन नाराज:शेखपुरा में जिला सम्मेलन संपन्न, नई कमेटी का भी गठन

सेविका-सहायिकाओं को सरकारी दर्जा नहीं मिलने पर यूनियन नाराज:शेखपुरा में जिला सम्मेलन संपन्न, नई कमेटी का भी गठन

शेखपुरा में आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन जिला कमेटी का सम्मेलन गुरुवार को कार्यानंद शर्मा भवन में हुआ। इसकी अध्यक्षता यूनियन की इंदिरा कुमारी ने की। सम्मेलन का उद्घाटन यूनियन के राज्य महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह ने किया। कुमार विंदेश्वर सिंह ने अपने भाषण में कहा कि आईसीडीएस परियोजना को 50 साल पूरे हो गए हैं। इसके बावजूद सेविका और सहायिकाओं को अब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उन्हें सम्मानजनक मानदेय भी नहीं मिल रहा है, जो कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलने तक होगा संघर्ष उन्होंने कहा कि जब तक हम सब एक होकर संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक अपने हक से वंचित रहेंगे। हमें अभी लंबी लड़ाई लड़नी है। संगठित रहने पर ही निर्णायक लड़ाई जीती जा सकती है। यूनियन के प्रदेश अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह ने यूनियन की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने बताया कि पिछले 35 सालों से संघर्ष करते हुए यूनियन ने सेविका-सहायिकाओं की दर्जनों मांगें पूरी करवाई हैं। उन्होंने जोर दिया कि जब तक सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाओं ने लिया हिस्सा यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष पूनम श्रीवास्तव ने शेखपुरा जिले में यूनियन को मजबूत बनाने की अपील की। जिले के वरिष्ठ नेता और सीपीआई के जिला मंत्री प्रभात कुमार पाण्डेय ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कुछ कारणों से जिले में संगठन कमजोर हो गया था, लेकिन अब इसे फिर से मजबूत किया जाएगा। सम्मेलन में शेखपुरा जिले के लिए 29 सदस्यों की नई कमेटी बनाई गई। इसमें किरण कुमारी को अध्यक्ष, सुधा कुमारी को उपाध्यक्ष, मनिता कुमारी को महासचिव, मीना कुमारी को सचिव और चंचला कुमारी को कोषाध्यक्ष चुना गया। इंदिरा कुमारी और प्रभात कुमार पांडेय को संरक्षक बनाया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाओं ने हिस्सा लिया। शेखपुरा में आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन जिला कमेटी का सम्मेलन गुरुवार को कार्यानंद शर्मा भवन में हुआ। इसकी अध्यक्षता यूनियन की इंदिरा कुमारी ने की। सम्मेलन का उद्घाटन यूनियन के राज्य महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह ने किया। कुमार विंदेश्वर सिंह ने अपने भाषण में कहा कि आईसीडीएस परियोजना को 50 साल पूरे हो गए हैं। इसके बावजूद सेविका और सहायिकाओं को अब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उन्हें सम्मानजनक मानदेय भी नहीं मिल रहा है, जो कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलने तक होगा संघर्ष उन्होंने कहा कि जब तक हम सब एक होकर संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक अपने हक से वंचित रहेंगे। हमें अभी लंबी लड़ाई लड़नी है। संगठित रहने पर ही निर्णायक लड़ाई जीती जा सकती है। यूनियन के प्रदेश अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह ने यूनियन की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने बताया कि पिछले 35 सालों से संघर्ष करते हुए यूनियन ने सेविका-सहायिकाओं की दर्जनों मांगें पूरी करवाई हैं। उन्होंने जोर दिया कि जब तक सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाओं ने लिया हिस्सा यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष पूनम श्रीवास्तव ने शेखपुरा जिले में यूनियन को मजबूत बनाने की अपील की। जिले के वरिष्ठ नेता और सीपीआई के जिला मंत्री प्रभात कुमार पाण्डेय ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कुछ कारणों से जिले में संगठन कमजोर हो गया था, लेकिन अब इसे फिर से मजबूत किया जाएगा। सम्मेलन में शेखपुरा जिले के लिए 29 सदस्यों की नई कमेटी बनाई गई। इसमें किरण कुमारी को अध्यक्ष, सुधा कुमारी को उपाध्यक्ष, मनिता कुमारी को महासचिव, मीना कुमारी को सचिव और चंचला कुमारी को कोषाध्यक्ष चुना गया। इंदिरा कुमारी और प्रभात कुमार पांडेय को संरक्षक बनाया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाओं ने हिस्सा लिया।  

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