Blepharitis Cause: आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि जब आप सुबह सोकर उठते हैं तो पलकों पर रूसी जैसी सफेद पपड़ी जम जाती है या आंखें आपस में चिपकी हुई महसूस होती हैं। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के मुताबिक, यह समस्या ब्लिफेराइटिस (Blepharitis) हो सकती है। ब्लिफेराइटिस पलकों की सूजन और जलन से जुड़ी है। यह बीमारी हमारी पलकों की तेल ग्रंथियों (Oil Glands) के ब्लॉक होने या त्वचा के संक्रमण के कारण होती है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह आंखों में बेचैनी और धुंधलेपन का कारण बन सकती है। आइए समझते हैं कि ब्लिफेराइटिस क्या है, इसके पीछे की मुख्य वजहें क्या हैं और इससे बचाव के क्या उपाय हैं।
ब्लिफेराइटिस के मुख्य लक्षण क्या होते हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ब्लिफेराइटिस के लक्षण समय के साथ आते-जाते रह सकते हैं। जब यह समस्या बढ़ती है, तो आंखों में कई तरह की परेशानियां महसूस होने लगती हैं;
- सुबह उठते ही पलकों की जड़ों और कोनों पर रूसी जैसी सफेद या पीली पपड़ी जमी दिखाई देना।
- आंखें लगातार लाल रहती हैं, उनमें खुजली और जलन महसूस होना।
- पलकों का चिपकना।
- आंखों में कंकड़ी महसूस होना।
- आंखें या तो बहुत अधिक सूखी या फिर उनसे लगातार पानी बहना।
- रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना।
किन कारणों से होती है यह समस्या?
ब्लिफेराइटिस होने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। यह पलकों के बाहरी हिस्से (Anterior) या अंदरूनी हिस्से (Posterior) को प्रभावित कर सकता है;
- तेल ग्रंथियों में रुकावट (MGD)।
- बैक्टीरियल इंफेक्शन।
- त्वचा संबंधी बीमारियां।
- आइलैश माइट्स।
- मेकअप और कांटेक्ट लेंस।
ब्लिफेराइटिस से राहत पाने के उपाय क्या होते हैं?
NHS और क्लीवलैंड क्लिनिक दोनों ही ब्लिफेराइटिस के शुरुआती प्रबंधन के लिए रोजाना सही तरीके से आंखों की सफाई करने की सलाह देते हैं। इसे आप आसानी से घर पर अपना सकते हैं;
1.गरम सेक (Warm Compress)- एक साफ सूती कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोएं और हल्के हाथों से निचोड़ लें। इस कपड़े को बंद आंखों पर 5 से 10 मिनट के लिए रखें। इससे बंद तेल ग्रंथियां खुलने लगती हैं और जमी हुई पपड़ी नरम हो जाती है।
2.पलकों की हल्की मालिश- सेकाई करने के बाद लगभग 30 सेकंड तक पलकों के किनारों पर उंगलियों से हल्की मालिश करें ताकि फंसा हुआ तेल बाहर निकल सके।
3. साफ सफाई का ध्यान रखें- गुनगुने पानी में थोड़ा सा बेबी शैम्पू मिलाकर या आई वाइप्स की मदद से रुई के फाहे से पलकों के किनारों को धीरे-धीरे साफ करें।
4. मेकअप और लेंस से दूरी बनाएं- जब तक आंखों में जलन और सूजन रहे, तब तक आई मेकअप और कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
यदि नियमित रूप से आंखों की सफाई करने के बावजूद कुछ दिनों तक लक्षणों में सुधार न हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। इसके अलावा, यदि आपको आंखों में तेज दर्द हो, धुंधला दिखाई देने लगे या आंखें अत्यधिक लाल हो जाएं, तो बिना देर किए तुरंत आई स्पेशलिस्ट (Ophthalmologist) से परामर्श लें। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक ड्रॉप्स, ऑइंटमेंट या स्टेरॉयड दवाओं की सलाह दे सकते हैं।
अक्सर लोग सुबह आंखों में जलन या पपड़ी जमने को नींद पूरी न होना या सामान्य थकान मानकर टाल देते हैं। लेकिन ब्लिफेराइटिस के बारे में जानकर यह स्पष्ट होता है कि हमारे शरीर के छोटे-छोटे संकेत भी किसी अंदरूनी समस्या का इशारा हो सकते हैं।

