शिमला, एक सितंबर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में खनन के दौरान मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक बिक्रम ठाकुर की ओर से लाए गए ‘ध्यानाकर्षण प्रस्ताव’ पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि कमराऊ क्षेत्र के बगनाधार में हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में नेपाल मूल के दो लोग और एक स्थानीय युवक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के नियमों के अनुसार मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया है। मंत्री ने बताया कि सबसे पहले टिप्पर चालक 26 वर्षीय अनिल कुमार का शव बरामद किया गया और वह बरवास गांव का रहने वाला था। उन्होंने बताया कि इसके बाद दो अन्य शव बरामद किए गए, जिनकी पहचान नेपाल के कंचनपुर जिले की बेदकोट नगरपालिका निवासी मजदूर धन सिंह और गजेंद्र सिंह के रूप में हुई।
दोनों की उम्र 55 वर्ष थी। इससे पहले, विधायक बिक्रम ठाकुर ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि 18 अगस्त को कमराऊ के बगनाधार में मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर खनन कार्य हो रहा था, वहां काफी गहरा गड्ढा बन गया था।
ठाकुर ने आशंका जताई कि हादसा गड्ढे की अधिक गहराई के कारण हुआ और मामले की सरकारी जांच की मांग की। सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा चलाए गए बचाव अभियान की निगरानी की। उपमंडल दंडाधिकारी जसपाल ने बताया कि चूना पत्थर की यह खदान भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील बनी हुई है।
कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने ‘ध्यानाकर्षण प्रस्ताव’ के माध्यम से सोलन जिले के परवाणू क्षेत्र में हाल में हुई भारी बारिश से हुए नुकसान का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया।

