Darshan Jariwala On Apara Mehta separation and his allegations: ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री अपारा मेहता और पति व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता दर्शन जरीवाला के बीच 23 साल पुराने तकरार का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में अपारा मेहता ने आरोप लगाया था कि दर्शन उन्हें ‘सबसे बदसूरत महिला’ कहकर घर छोड़कर चले गए थे और कहा था कि उनका प्यार खत्म हो गया है। अपारा के इस बयान ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अब उन सभी आरोपों पर दर्शन जरीवाला ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा खुलासा किया है।
अपारा मेहता ने पति पर लगाए थे आरोप
दर्शन जरीवाला ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पत्नी अपारा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि समय के साथ लोगों की यादें बदल जाती हैं। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह से “झूठी याददाश्त” यानी फॉल्स मेमोरी का मामला है। जैसा उन्होंने बताया, वैसा कुछ कभी हुआ ही नहीं था। मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो किसी साधारण दिखने वाली महिला को भी बदसूरत कहे। मैं बाहरी रूप के बजाय इंसान के अंदरूनी स्वभाव को देखता हूं।”
दर्शन ने आगे सवाल उठाया कि 23 साल तक चुप रहने के बाद अपारा अब ये बातें मीडिया के सामने क्यों ला रही हैं? उन्होंने कहा, “वह आज अपनी सहूलियत के हिसाब से विक्टिम बनने का नाटक कर रही हैं। मैं अपने अतीत को पीछे छोड़ चुका हूं और 2010 से अपनी पार्टनर अनाहिता इटालिया के साथ एक खुशहाल जिंदगी जी रहा हूं। मेरी सच्चाई कभी नहीं बदलती।”
दर्शन जरीवाला मे तलाक न होने और घर छोड़ने की बताई असली वजह
अपनी 1982 में हुई शादी और बाद में आए कड़वाहट भरे मोड़ पर बात करते हुए दर्शन ने बताया कि बिजनेस में घाटे, आर्थिक तंगी और करियर को लेकर अलग-अलग प्राथमिकताओं के कारण दोनों के रास्ते अलग हो गए थे। उन्होंने बताया, “मैंने तलाक के कागजात दाखिल किए थे और अपारा भी सहमत थीं, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने जज के सामने अपना मन बदल लिया और जज ने अर्जी खारिज कर दी।”
दर्शन ने यह भी बताया कि वह सांताक्रूज वाला अपना घर अपारा और अपनी बेटी के लिए छोड़कर खुद खाली हाथ निकल गए थे। शुरुआती दिनों में उनके पास किराए के मकान के लिए भी पैसे नहीं थे और वह दोस्तों के साथ रहे थे। बाद में ऐश्वर्या राय संग कोका-कोला के विज्ञापन और 2007 की फिल्म ‘गांधी माय फादर’ में कस्तूरबा के पति (महात्मा गांधी) के किरदार के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद उनके करियर को नई दिशा मिली थी।
“अपनी बेटी के लिए मैं हमेशा एक अच्छा पिता रहा हूं”
अपारा के उन दावों को भी दर्शन ने खारिज कर दिया कि जिसमें अपारा ने कहा था कि अपनी बेटी का पालन-पोषण उन्होंने अकेले किया है। दर्शन ने कहा, “मैं अपनी बेटी के लगातार संपर्क में हूं। हमारे बीच बहुत गहरा रिश्ता है और उसे मेरी जिंदगी और मेरी परिस्थितियों की पूरी जानकारी है। उसके पास आज भी मेरा डेबिट कार्ड है।”
दर्शन ने आखिर में कहा कि लोग अक्सर अपनी जिंदगी के खालीपन को भरने के लिए अतीत की घटनाओं को अपनी भावनात्मक सहूलियत के हिसाब से मोड़ लेते हैं, लेकिन वह अपनी सच्चाई से भली-भांति वाकिफ हैं।

