सांसद-विधायक ने दिया कंधा, गांव में पसरा मातम:विपक्षी दलों के नेताओं ने भी दी श्रद्धाजंलि, लोग बोले-बाबूजी चले गए

सांसद-विधायक ने दिया कंधा, गांव में पसरा मातम:विपक्षी दलों के नेताओं ने भी दी श्रद्धाजंलि, लोग बोले-बाबूजी चले गए

आगरा के फतेहाबाद विधानसभा सीट से विधायक रहे छोटे लाल वर्मा की अंतिम यात्रा में जनसमूह उमड़ पड़ा। उनके पैतृक गांव नगला देवहंस में जिस जगह उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, वहां से एक किमी तक लोग ही लोग दिखाई दे रहे थे। छतों पर महिलाओं का जमघट लगा था। शवयात्रा में क्या बच्चे और क्या बूढ़े, सभी शामिल हुए। सांसद राजकुमार चाहर और खेरागढ़ के विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने अर्थी को कंधा दिया। सपा सांसद रामजीलाल सुमन और सपा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाह ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अब विस्तार से पढ़िए…
फतेहाबाद सीट से विधायक छोटेलाल वर्मा का गुरुवार रात को नोएडा के एक अस्पताल में निधन हो गया था। देर रात उनका पार्थिक शरीर शहीद नगर स्थित उनके आवास पर लाया गया। जहां से शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे उनकी शवयात्रा उनके पैतृक गांव नगला देवहंस के लिए शुरू हुई। गांवों में उमड़ा जनसैलाब इधर, नगला देवहंस में अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के ही नहीं, आसपास के तमाम गांवों के लोग पहुंच चुके थे। सड़क जाम हो चुकी। दोपहर लगभग 12.30 बजे जैसे ही छोटेलाल वर्मा की शवयात्रा उनके पैतृक आवास पर पहुंची, भीड़ का सब्र टूट गया। पुलिस के तमाम इंतजामों के बाद भी उनके अंतिम दर्शन को भीड़ पड़ी। लगभग दो घंटे शव को यहां रखा गया। इसके बाद उनके पैतृक घर से लगभग 200 मीटर दूर पैतृक जमीन पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। घरों में नहीं सुलगे चूल्हे वहीं, नगला देवहंस में शुक्रवार को चूल्हे नहीं सुलगे। किसी के यहां खाना नहीं बना। पूरा गांव गमगीन था। लोगों का कहना था, वे विधायक नहीं बल्कि उनके लिए बाबूजी थे। अधिकांश विवाद वे अपने स्तर से ही सुलझा दिया करते थे। नगला देवहंस में विधायक छोटेलाल वर्मा के निवास के सामने रहने वाली वृद्धा लीलावती का कहना है, मैंने बहुत छोटे से ही उन्हें देखा है। विधायक बहुत मिलनसार थे। सभी के सुख दुख में साथ खड़े रहते थे। 7 जुलाई, 1953 को आगरा में जन्मे छोटे लाल वर्मा मल्लाह (निषाद) समाज से आते थे। उनकी अपनी विधानसभा में पिछड़ों और कमजोर वर्गों के बीच गहरी पैठ थी। वे खेती और पेट्रोल पंप व्यवसाय से भी जुड़े हुए थे।
भाजपा से बगावत की, फिर भाजपा में ही लौटे छोटेलाल वर्मा 4 बार विधायक चुने गए। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1993 में भाजपा से की। इसके बाद वह 2002 में दूसरी बार भाजपा से विधायक चुने गए। 2007 के चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया। इसके बाद वे समाजवादी पार्टी में चले गए। चुनाव लड़े, लेकिन हार मिली। 2012 के चुनाव में छोटेलाल ने एक बार फिर पार्टी बदल दी। यह चुनाव उन्होंने बसपा के टिकट पर लड़ा और चुनाव जीते। लेकिन, 2022 के चुनाव से पहले वे भाजपा में शामिल हो गए और चौथी बार चुनाव जीतकर विधायक बने। विपक्षी दलों के नेता भी पहुंचे छोटेलाल वर्मा के अंतिम संस्कार में भाजपा बृजक्षेत्र अध्यक्ष पूरनलाल लोधी सहित भाजपा जिले और महानगर के अधिकांश नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। इनके साथ ही सपा सांसद रामजी सुमन और जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाह भी अपनी टीम के साथ छोटेलाल वर्मा को श्रद्धाजंलि अर्पित करने पहुंचे। मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, विधायक डा. जीएस धर्मेश, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, पूर्व विधायक जितेंद्र वर्मा, पूर्व विधायक कालीचरन सुमन आदि मौजूद थे।

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