बिहार के जमुई और समस्तीपुर में हुई छेड़खानी जैसी घटनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं और सरकार इन मामलों में अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती।
पटना। बिहार में जमुई और समस्तीपुर समेत युवतियों से जुड़ी हालिया घटनाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जहां इन घटनाओं को गंभीर और शर्मनाक बताते हुए आरोपियों के साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव-गली की बच्ची सुरक्षित है?
चिराग बोले- सिर्फ गिरफ्तारी और एनकाउंटर से नहीं रुकेगा अपराध
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में कहा कि युवा महिलाओं से जुड़ी लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद गंभीर और शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन घटनाओं को लेकर अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती। जमुई की घटना का जिक्र करते हुए चिराग ने कहा कि स्थानीय सांसद अरुण भारती ने तत्परता दिखाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एनकाउंटर भी हुआ। इसी तरह समस्तीपुर की घटना में भी तत्काल गिरफ्तारियां की गईं। हालांकि, चिराग ने साफ कहा कि केवल गिरफ्तारी या एनकाउंटर से ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि उन अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए, जिनकी नाक के नीचे ऐसी घटनाएं होती हैं।
गांव-गली की बच्ची सुरक्षित है क्या?
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं के बाद बांका की लड़की उत्पीड़न के वीडियो को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर में रॉड से बच्चियों को मारा है। विरोध करने पर दो-दो बच्चियों को मारा गया है। पप्पू यादव ने कहा कि मेरा सीधा सवाल है कि ऊपर से नीचे तक नेता से अंतिम व्यक्ति, 95 प्रतिशत यूथ ड्रग्स ले रहे हैं। तो बच्ची सुरक्षित कहां होगी?
उन्होंने कहा कि शिक्षक 40 प्रतिशत शिक्षक बच्ची का यौन शोषण कर रहे हैं, शिक्षिका का यौन शोषण हो रहा है। सिपाही का यौन शोषण सीनियर पदाधिकारी के द्वारा हो रहा है, नर्सेस का हो रहा है। पप्पू यादव ने कहा कि तो स्कूल से निकली हुई बच्ची जब सुनसान सड़कों से गांव जाएगी तो ड्रग्स और चरस पीने वाले मनचले लड़के बच्ची को नहीं छेड़ेंगे, क्या आपको ये लगता है? उन्होंने सवाल किया कि किसी भी गांव-गली की बच्ची सुरक्षित है? जवाबदेही तय ही नहीं हो रही है। किसी की बच्ची-बेटी-बहन सुरक्षित नहीं है।

