सहारनपुर में जेवी जैन कॉलेज के चित्रकला विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.नीलम गौड की शिकायत पर पुलिस ने कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर वकुल बंसल और तीन अज्ञात नकाबपोश व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। असिस्टेंट प्रोफेसर ने एसएसपी को दी तहरीर में प्राचार्य पर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण करने तथा उनके खिलाफ की गई POSH एक्ट-2013 की शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। डॉ.नीलम गौड ने तहरीर में बताया कि वो जेवी जैन कॉलेज में चित्रकला विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। उनके अनुसार, पिछले काफी समय से उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य उन्हें बार-बार निराधार नोटिस देकर अध्यापकों के बीच नीचा दिखाने और परेशान करने के उद्देश्य से उत्पीड़नात्मक तथा अवैधानिक कार्रवाई कर रहे हैं। POSH एक्ट में शिकायत के बाद बढ़ा दबाव असिस्टेंट प्रोफेसर के मुताबिक, परेशान होकर उन्होंने POSH एक्ट-2013 के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत की थी। आरोप है कि इस शिकायत को वापस लेने के लिए प्राचार्य और अन्य लोगों की ओर से उन पर अवैध दबाव बनाया जाने लगा। तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि इसी विवाद के चलते 13 जुलाई 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे जब वो अपने आवास से कॉलेज जा रही थीं, तब तीन नकाबपोश बाइक सवारों ने उन पर हमला किया। इसके बाद 16 जुलाई को भी सुबह करीब 9:30 बजे तीन अज्ञात बाइक सवारों ने उन्हें दोबारा रास्ते में रोककर हमला किया। दुपट्टा खींचने और कपड़े पकड़कर खींचने का आरोप शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई की घटना में बाइक सवारों ने उनका दुपट्टा खींचा। आरोप है कि तीनों ने उनकी लज्जा भंग करने की नीयत से कंधे और कमर की ओर से कपड़े पकड़कर जोर से खींचे। तहरीर में कहा गया है कि आरोपियों ने धमकी दी कि वकुल बंसल के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ले लो, वरना जान से मार दिया जाएगा। डॉ. नीलम गौड ने आरोप लगाया कि उन्हें यह भी धमकी दी गई कि अगर उन्होंने कोई कार्रवाई की तो उनका अपहरण कर बलात्कार करने के बाद जान से मार दिया जाएगा। 3 अगस्त को दो नकाबपोश लोगों के साथ घर पहुंचने का आरोप तहरीर में 3 अगस्त की घटना का भी उल्लेख है। डॉ. नीलम गौड का आरोप है कि उस दिन प्राचार्य वकुल बंसल दो नकाबपोश लोगों को साथ लेकर उनके आवास पर पहुंचे। आरोप है कि वहां उनके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई कि वकुल बंसल के खिलाफ की गई शिकायत वापस ले लें, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा। पीड़िता के अनुसार, उन्हें यह धमकी भी दी गई कि उनका ऐसा हाल कर दिया जाएगा कि वह समाज में कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगी। उपस्थिति रजिस्टर को लेकर भी विवाद 24 अगस्त की घटना को लेकर भी मुकदमे में आरोप लगाए गए हैं। डॉ.नीलम गौड के अनुसार, सुबह करीब 8:30 बजे वह अध्यापकगण के उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के लिए एग्जामिनेशन सेल गई थीं। वहां उन्हें पता चला कि उपस्थिति रजिस्टर वकुल बंसल की टेबल पर रखा हुआ है। उनका आरोप है कि उन्होंने रजिस्टर उठाकर हस्ताक्षर करने का प्रयास किया तो वकुल बंसल ने उनके साथ बदतमीजी और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हुए रजिस्टर छीन लिया। आरोप है कि प्राचार्य ने कहा कि जैसा वह कहेंगे, उन्हें वैसा ही करना होगा। इसके बाद झूठे आरोप लगवाकर प्रबंधन समिति से उन्हें पद से बर्खास्त कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पहले भी की शिकायतें डॉ. नीलम गौड ने तहरीर में कहा है कि इन घटनाओं के संबंध में वह पहले भी शिकायतें कर चुकी हैं और उनका रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही कथित घटनाओं से वह बेहद परेशान हैं और उन्हें अपनी जान का खतरा है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी भी समय उनकी हत्या कराई जा सकती है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा पुलिस ने डॉ. नीलम गौड की तहरीर के आधार पर प्राचार्य वकुल बंसल और तीन अज्ञात नकाबपोश व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। घटनाओं से संबंधित साक्ष्य, पूर्व में की गई शिकायतें, हमलों से जुड़े तथ्य और अन्य पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में आरोपी बनाए गए प्राचार्य पक्ष का बयान फिलहाल सामने नहीं आया है।

