छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चोरी के एक मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने चोरी की जांच की तो पता चला कि सस्पेंडड कॉन्स्टेबल ने नशे के लिए अपने ही घर से सोने-चांदी के जेवर समेत लाखों रुपए का माल चोरी कर लिया। वारदात में उसके दो साथी भी शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के जेवर और बुलेट बाइक बरामद की है। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है। सागरदीप कॉलोनी में रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। इसी दौरान उनके घर के कमरे में रखी अलमारी और लॉकर का ताला टूटा मिला। परिजनों की सूचना पर वह बिलासपुर लौटीं तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नगदी गायब मिले। इसके बाद उन्होंने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। करीबियों पर था शक, इसलिए बेटे तक पहुंची पुलिस की जांच पुलिस ने चोरी की वारदात की जांच शुरू की तो महिला के परिचितों और करीबियों पर शक हुआ। पूछताछ के दौरान पुलिस को उसके बेटे आशीष मिश्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच में पता चला कि चोरी के समय आशीष अपने घर पर ही मौजूद था। इसके बाद पुलिस को मिले कई सुरागों के आधार पर उसका संदेह और गहरा गया। पूछताछ में टूट गया बेटा, दोस्तों के साथ मिलकर चोरी करना कबूला रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सकरी पुलिस ने संदेह के आधार पर घर के सदस्य आशीष मिश्रा (31) से पूछताछ की। इसके साथ ही सिविल लाइन क्षेत्र के 27 खोली निवासी उसके दोस्त सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27) और उसलापुर निवासी अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23) से भी पूछताछ की गई। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आशीष को घर में रखे जेवर और नगदी की जानकारी थी। उसने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की प्लानिंग बनाई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से चोरी के गहने और वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक जब्त की। तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पिता की जगह मिली थी अनुकंपा नियुक्ति CSP परमेश्वर तिलकवार ने बताया कि आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक था। उसे पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। काम में लापरवाही और नशे की आदत के कारण वह वर्तमान में सस्पेंड है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नशे के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। अच्छे परिवार से हैं तीनों आरोपी, पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस गिरफ्तार तीनों आरोपी स्थानीय स्तर पर अच्छे परिवार से बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने मिलकर अपने ही परिचित के घर को निशाना बनाया। पुलिस यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने इससे पहले ऐसी कोई अन्य वारदात तो नहीं की है।

