श्रावस्ती में बच्चों में दिव्यांगता की शुरुआती पहचान और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को समझने के लिए संचालित प्रशस्त एप पर दिए गए अनिवार्य प्रशिक्षण वीडियो नहीं देखना जिले के 775 शिक्षकों को भारी पड़ गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत ने बीते सोमवार इन शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी संबंधित शिक्षकों को आगामी बुधवार दोपहर 12 बजे तक प्रशस्त एप पर उपलब्ध सभी 10 वीडियो देखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, एनसीईआरटी एवं शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत सामान्य शिक्षकों के लिए प्रशस्त एप पर उपलब्ध 10 संवेदीकरण एवं ट्यूटोरियल वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। बच्चों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू करने से पहले शिक्षकों को इन वीडियो के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, उनकी जरूरतों और उन्हें शिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि प्रशस्त एप के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों में दिव्यांगता की शुरुआती पहचान के लिए स्क्रीनिंग की जाती है। इसके लिए शिक्षकों को पहले एप पर उपलब्ध सभी अनिवार्य वीडियो पूरा करना था, लेकिन निर्धारित निर्देश के बावजूद कई शिक्षकों ने इसे पूरा नहीं किया। इसी के चलते विभाग ने कार्रवाई करते हुए वेतन रोकने की व्यवस्था लागू की है। वेतन रोके जाने वालों में गिलौला के 163, इकौना के 167, सिरसिया के 120, जमुनहा के 161 और हरिहरपुररानी के 164 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर वीडियो नहीं देखने वाले शिक्षकों के खिलाफ आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशस्त एप या पोर्टल पर शिक्षक अपने UDISE+ कोड और पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन कर वीडियो पूरा कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा कराना इसलिए जरूरी है, ताकि शिक्षक विद्यालय में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उनकी शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार सहयोग उपलब्ध करा सकें।

