सावन शुक्ल एकादशी में आज रविवार को पुत्रदा एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। आज मूल नक्षत्र और तीन शुभ योग का उत्तम संयोग बन रहा है। आज सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग का सुयोग बन रहा है। आज एकादशी पर सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा धनु राशि में विद्यमान होंगे। ऐसे उत्तम संयोग में व्रत, पूजा-पाठ, हरिस्मरण, वेद पाठ, मंत्र जाप, दान-पुण्य करने से कई गुना ज्यादा पुण्य लाभ मिलेगा। सावन शुक्ल एकादशी पर सावन मास के एकादशी का व्रत करने से शिव-विष्णु दोनों की कृपा मिलती है। पूरे साल में कुल 24 एकादशी होती है ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि पूरे साल में कुल 24 एकादशी होते है। पर इस साल अधिक मास होने से 26 एकादशी होगी। पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से श्रद्धालुओं को तेजस्वी व दीर्घायु संतान की प्राप्ति और वाजपेयी यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। गृहस्थजन और वैष्णव दोनों आज एकादशी का व्रत करेंगे। इस एकादशी की महिमा का व्याख्यान योगेश्वर श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर से किया था। आज के दिन व्रत करने और श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से माता लक्ष्मी एवं नारायण दोनों की कृपा बरसती है।
भगवान विष्णु की होगी पूजा पंडित झा के अनुसार पुत्रदा एकादशी पर आज सनातन धर्मावलंबी श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा करेंगे। आज सत्यनारायण प्रभु और लड्डू गोपाल की भी आराधना होगी। आज भगवान नारायण को गंगाजल, पंचामृत से स्नान, नूतन वस्त्र, चंदन, फूलमाला, तुलसी, इत्र से श्रृंगार के बाद मिष्ठान, शीतल प्रसाद और ऋतुफल का भोग अर्पित किया जाएगा। उनकी घी के दीपक-कर्पूर से आरती होगी। श्रद्धालु एकादशी पर सत्यनारायण प्रभु की पूजा के बाद स्कंदपुराण के रेवा खंड की पौराणिक कथा का श्रवण करेंगे। व्रत करने वाले श्रद्धालु सोमवार को पूजा-अर्चना करने के बाद एकादशी का पारण दूब से करेंगे। सावन शुक्ल एकादशी में आज रविवार को पुत्रदा एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। आज मूल नक्षत्र और तीन शुभ योग का उत्तम संयोग बन रहा है। आज सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग का सुयोग बन रहा है। आज एकादशी पर सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा धनु राशि में विद्यमान होंगे। ऐसे उत्तम संयोग में व्रत, पूजा-पाठ, हरिस्मरण, वेद पाठ, मंत्र जाप, दान-पुण्य करने से कई गुना ज्यादा पुण्य लाभ मिलेगा। सावन शुक्ल एकादशी पर सावन मास के एकादशी का व्रत करने से शिव-विष्णु दोनों की कृपा मिलती है। पूरे साल में कुल 24 एकादशी होती है ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि पूरे साल में कुल 24 एकादशी होते है। पर इस साल अधिक मास होने से 26 एकादशी होगी। पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से श्रद्धालुओं को तेजस्वी व दीर्घायु संतान की प्राप्ति और वाजपेयी यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। गृहस्थजन और वैष्णव दोनों आज एकादशी का व्रत करेंगे। इस एकादशी की महिमा का व्याख्यान योगेश्वर श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर से किया था। आज के दिन व्रत करने और श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से माता लक्ष्मी एवं नारायण दोनों की कृपा बरसती है।
भगवान विष्णु की होगी पूजा पंडित झा के अनुसार पुत्रदा एकादशी पर आज सनातन धर्मावलंबी श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा करेंगे। आज सत्यनारायण प्रभु और लड्डू गोपाल की भी आराधना होगी। आज भगवान नारायण को गंगाजल, पंचामृत से स्नान, नूतन वस्त्र, चंदन, फूलमाला, तुलसी, इत्र से श्रृंगार के बाद मिष्ठान, शीतल प्रसाद और ऋतुफल का भोग अर्पित किया जाएगा। उनकी घी के दीपक-कर्पूर से आरती होगी। श्रद्धालु एकादशी पर सत्यनारायण प्रभु की पूजा के बाद स्कंदपुराण के रेवा खंड की पौराणिक कथा का श्रवण करेंगे। व्रत करने वाले श्रद्धालु सोमवार को पूजा-अर्चना करने के बाद एकादशी का पारण दूब से करेंगे।

