हरियाणा के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कोकरेच जनता पार्टी की टीम अलग-अलग जिलों में स्कूलों का रियलिटी चेक कर रही है। इसी अभियान के तहत दिल्ली से आईं पेशे से वकील कृतिका व उनकी टीम ने झज्जर जिले के डीघल गांव स्थित सरकारी स्कूलों का दौरा किया। टीम ने स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई, भवन की स्थिति, साफ-सफाई, वॉशरूम, जलभराव और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। कृतिका के अनुसार टीम ने कुल चार स्कूलों का दौरा किया। इनमें एक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल और दो प्राइमरी स्कूल शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने चिंता जताई। प्राइमरी स्कूलों की स्थिति पर उठाए सवाल कृतिका ने कहा कि खासकर प्राइमरी स्कूलों की स्थिति काफी चिंताजनक नजर आई। छोटे बच्चे बंद कमरों में दरी पर बैठकर पढ़ते मिले। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलना भी उनका अधिकार है। उन्होंने स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह दीवारें कमजोर दिखाई दीं। वॉशरूम और हाइजीन की स्थिति भी खराब मिली। बारिश के बाद पानी जमा होने से मच्छर पनपने और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्कूल परिसर में उगी झाड़ियों और जंगल जैसी स्थिति पर भी उन्होंने सवाल उठाया। कृतिका के अनुसार शिक्षकों ने बताया कि परिसर में सांप भी निकलते हैं। ऐसे में उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। बिना अथॉरिटी आने पर भी पूछे गए सवाल कृतिका ने बताया कि स्कूलों के दौरे के दौरान टीम को कुछ जगहों पर पुशबैक का सामना करना पड़ा। उनसे पूछा गया कि बिना अथॉरिटी के वे स्कूलों में क्यों पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षक भी अपनी समस्याएं खुलकर बताना चाहते हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई या नौकरी पर असर पड़ने के डर से सामने आने से बचते हैं। बेरी SDM को सौंपा ज्ञापन स्कूलों के निरीक्षण के बाद टीम की ओर से स्कूलों में सामने आई समस्याओं को लेकर बेरी SDM को ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, भवन और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के संज्ञान में लाया गया। इसके साथ ही टीम ने क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूलों का दौरा करने के लिए बेरी SDM को परमिशन लेटर भी दिया, ताकि आगे दूसरे स्कूलों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं का भी जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया जा सके। हम छोटा सा बदलाव लाना चाहते हैं कृतिका ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या अधिकारी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि स्कूलों की समस्याओं को सामने लाकर समाधान की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा, हम सोसाइटी में एक कैटलिस्ट बनना चाहते हैं, जो छोटा सा चेंज ला सके। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और सरकारी सुविधाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इनका लाभ जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए। एक साल छोटा होगा, लेकिन बच्चों की पूरी क्लास निकल जाती है कृतिका ने कहा कि स्कूलों में सामने आई सभी समस्याओं को चिन्हित किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों के सामने इन्हें रखा जाएगा, ताकि जल्द से जल्द सुधार कराया जा सके। उन्होंने कहा, आपके लिए एक साल छोटा होगा, लेकिन बच्चों की एक पूरी क्लास निकल जाती है। अब टीम की ओर से बेरी क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए अनुमति मांगी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अन्य स्कूलों की जमीनी स्थिति भी सामने आने की उम्मीद है।

