मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, झारखंड में आज मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसका असर राज्य के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। रांची में आज दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 23 और 24 अगस्त को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। 6 जिलों में आज भारी बारिश को लेकर अलर्ट आज पलामू, गढ़वा, चतरा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं 24 अगस्त को भी गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग और लातेहार में वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 22 से 26 अगस्त के बीच राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 25 और 26 अगस्त को भी गरज-चमक और वज्रपात का असर बने रहने की संभावना है। 27 अगस्त से किसी विशेष चेतावनी की संभावना नहीं जताई गई है। लोहरदगा में सबसे ज्यादा 5 मिमी बारिश राज्य में कई जगहों पर बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश लोहरदगा में 5 मिमी दर्ज की गई। रांची में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। मौसम में बदलाव के बीच राज्य में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 22 अगस्त तक झारखंड में सामान्य तौर पर 730.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 638.7 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। हालांकि, राज्य के पांच जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक, सिमडेगा में 4 प्रतिशत, सरायकेला में 5 प्रतिशत, रांची में 3 प्रतिशत और खूंटी में 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वज्रपात के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचें। आंधी-तूफान के समय घर से बाहर निकलने से भी बचने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। वज्रपात की आशंका होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

