मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 17 IAS अधिकारियों के तबादले किए। इसमें 2007 बैच के IAS संजय कुमार सिंह भी शामिल हैं। सम्राट के सीएम बनने के बाद संजय कुमार सिंह सबसे ताकतवर अफसर बनकर उभरे हैं। वह CM के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल हो गए हैं। संजय सिंह पहले वाणिज्य कर विभाग के सचिव थे। सम्राट ने उन्हें वित्त विभाग की पूरी कमान दी, मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव बनाया। अब मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया गया है। यानी रजिस्ट्री ऑफिस की जिम्मेदारी मिली है। बिहार का सबसे बड़ा रेवेन्यू अभी इसी डिापार्टमेंट से आ रहा है। सरकार ने इस साल निबंधन विभाग से 10 हजार करोड़ का टारगेट रखा है। 12 सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद बिक्री की मॉनीटरिंग भी यही करेंगे। इसके अलावा वाणिज्य कर, GST और मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारी उनके पास बनी हुई है। इन विभागों से सरकार को 59 हजार करोड़ रुपए कमाई होने की उम्मीद है। सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद कैसे IAS अधिकारी संजय कुमार सिंह का कद बढ़ा। उन्हें किन विभागों की जिम्मेदारी मिली। पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… सम्राट चौधरी के साथ संजय कुमार सिंह की भूमिका कैसे अहम होती चली गई संजय कुमार सिंह 2007 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं। लंबे समय से राजस्व और आर्थिक मामलों से जुड़े विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 2024 से वाणिज्य कर विभाग के सचिव के रूप में काम कर रहे थे। कौन हैं संजय कुमार सिंह? बिहार की ब्यूरोक्रेसी में संजय सिंह की पहचान तेज-तर्रार और काबिल अधिकारी के रूप में है। उनके टास्क सुलझाने, काम कराने के बढ़िया तरीकों के लिए जाना जाता है। बिहार की शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स की बेहतर समझ रखते हैं। करीब 19 साल के कार्यकाल में कमर्शियल टैक्स और गृह विभाग में काम चुके हैं। इनके पास शिक्षा विभाग में काम करने का लंबा अनुभव है। बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और बिहार स्टेट एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। इसके साथ ही भवन निर्माण विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी भी रहे हैं। सचिवालय आने से पहले कटिहार, किशनगंज और शेखपुरा के डीएम रह चुके हैं। किन विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं संजय कुमार सिंह पद- सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग अतिरिक्त प्रभार- सचिव, वाणिज्य कर विभाग/वाणिज्य कर आयुक्त/अपर आयुक्त, वस्तु एवं सेवा कर जी एस टी /सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय पहले थे पद- सचिव, वित्त विभाग अतिरिक्त प्रभार- सचिव, वाणिज्य कर विभाग/वाणिज्य कर आयुक्त/अपर आयुक्त, वस्तु एवं सेवा कर-जी एस टी/सचिव मई में वित्त विभाग की कमान: 3.47 लाख करोड़ के बजट को संभालने लगे सम्राट सरकार ने मई 2026 में 12 सीनियर IAS अधिकारियों का तबादला किया। इसमें संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग के सचिव की पूरी जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले वित्त विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दूसरे सीनियर अधिकारी के पास थी। अब शराबबंदी, राजस्व और CM सचिवालय की जिम्मेदारी मिली सोमवार को सम्राट सरकार ने संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग से हटाकर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया है। इसके साथ ही वाणिज्य कर विभाग, GST और मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारियां जारी रखी। तीन तबादले दे रहे सरकार की प्रशासनिक शैली का संकेत सम्राट चौधरी के सीएम बने चार महीने हो गए। इस दौरान उन्होंने बड़े स्तर पर IAS-IPS अधिकारियों के तबादले किए हैं। 68,216 रुपए बजट वाले शिक्षा विभाग के सचिव को बार-बार बदला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 17 IAS अधिकारियों के तबादले किए। इसमें 2007 बैच के IAS संजय कुमार सिंह भी शामिल हैं। सम्राट के सीएम बनने के बाद संजय कुमार सिंह सबसे ताकतवर अफसर बनकर उभरे हैं। वह CM के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल हो गए हैं। संजय सिंह पहले वाणिज्य कर विभाग के सचिव थे। सम्राट ने उन्हें वित्त विभाग की पूरी कमान दी, मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव बनाया। अब मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया गया है। यानी रजिस्ट्री ऑफिस की जिम्मेदारी मिली है। बिहार का सबसे बड़ा रेवेन्यू अभी इसी डिापार्टमेंट से आ रहा है। सरकार ने इस साल निबंधन विभाग से 10 हजार करोड़ का टारगेट रखा है। 12 सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद बिक्री की मॉनीटरिंग भी यही करेंगे। इसके अलावा वाणिज्य कर, GST और मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारी उनके पास बनी हुई है। इन विभागों से सरकार को 59 हजार करोड़ रुपए कमाई होने की उम्मीद है। सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद कैसे IAS अधिकारी संजय कुमार सिंह का कद बढ़ा। उन्हें किन विभागों की जिम्मेदारी मिली। पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… सम्राट चौधरी के साथ संजय कुमार सिंह की भूमिका कैसे अहम होती चली गई संजय कुमार सिंह 2007 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं। लंबे समय से राजस्व और आर्थिक मामलों से जुड़े विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 2024 से वाणिज्य कर विभाग के सचिव के रूप में काम कर रहे थे। कौन हैं संजय कुमार सिंह? बिहार की ब्यूरोक्रेसी में संजय सिंह की पहचान तेज-तर्रार और काबिल अधिकारी के रूप में है। उनके टास्क सुलझाने, काम कराने के बढ़िया तरीकों के लिए जाना जाता है। बिहार की शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स की बेहतर समझ रखते हैं। करीब 19 साल के कार्यकाल में कमर्शियल टैक्स और गृह विभाग में काम चुके हैं। इनके पास शिक्षा विभाग में काम करने का लंबा अनुभव है। बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और बिहार स्टेट एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। इसके साथ ही भवन निर्माण विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी भी रहे हैं। सचिवालय आने से पहले कटिहार, किशनगंज और शेखपुरा के डीएम रह चुके हैं। किन विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं संजय कुमार सिंह पद- सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग अतिरिक्त प्रभार- सचिव, वाणिज्य कर विभाग/वाणिज्य कर आयुक्त/अपर आयुक्त, वस्तु एवं सेवा कर जी एस टी /सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय पहले थे पद- सचिव, वित्त विभाग अतिरिक्त प्रभार- सचिव, वाणिज्य कर विभाग/वाणिज्य कर आयुक्त/अपर आयुक्त, वस्तु एवं सेवा कर-जी एस टी/सचिव मई में वित्त विभाग की कमान: 3.47 लाख करोड़ के बजट को संभालने लगे सम्राट सरकार ने मई 2026 में 12 सीनियर IAS अधिकारियों का तबादला किया। इसमें संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग के सचिव की पूरी जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले वित्त विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दूसरे सीनियर अधिकारी के पास थी। अब शराबबंदी, राजस्व और CM सचिवालय की जिम्मेदारी मिली सोमवार को सम्राट सरकार ने संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग से हटाकर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया है। इसके साथ ही वाणिज्य कर विभाग, GST और मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारियां जारी रखी। तीन तबादले दे रहे सरकार की प्रशासनिक शैली का संकेत सम्राट चौधरी के सीएम बने चार महीने हो गए। इस दौरान उन्होंने बड़े स्तर पर IAS-IPS अधिकारियों के तबादले किए हैं। 68,216 रुपए बजट वाले शिक्षा विभाग के सचिव को बार-बार बदला है।

