‘कॉन्स्टेबल फंसा था, इसलिए 4 गोली हवा में चलाई’:स्टूडेंट्स को खदेड़कर 8 गोली चलाने का वीडियो, क्या SC में बिहार सरकार पुलिस को बचा रही

‘कॉन्स्टेबल फंसा था, इसलिए 4 गोली हवा में चलाई’:स्टूडेंट्स को खदेड़कर 8 गोली चलाने का वीडियो, क्या SC में बिहार सरकार पुलिस को बचा रही

बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सीवान में प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंस जाने पर कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में 4 राउंड फायरिंग की थी। इसमें कोई घायल नहीं हुआ। क्या वाकई AK-47 चलाने वाला कॉन्स्टेबल ‘फंस’ गया था या सम्राट सरकार अफसरों को बचा रही है, जानेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1ः सुप्रीम कोर्ट में AK-47 गोलीकांड पर बिहार पुलिस ने क्या जवाब दाखिल किया है? जवाबः सुप्रीम कोर्ट में 11 अगस्त को बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। ADG (लॉ एंड ऑर्डर) के. सुहिता अनुपम ने हलफनामे में बताया है… बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पुलिस ने स्टूडेंट्स के प्रदर्शनों के दौरान संयम बरता और उनके खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग नहीं किया। सवाल-2ः क्या वाकई AK-47 चलाने वाला कॉन्स्टेबल ‘फंस’ गया था? जवाबः फायरिंग के वीडियो को देखें तो पुलिस के ये दावे गलत लगते हैं। पुलिस के 3 बड़े दावों और उसकी हकीकत विस्तार से समझिए… 1. कॉन्स्टेबल भीड़ में ‘फंस’ गया था 2. 4 राउंड हवा में फायरिंग की पुलिस का दावा है कि कॉन्स्टेबल ने 4 गोली हवा में चलाई। यह दावा पूरी तरह झूठ है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कॉन्स्टेबल हवा में नहीं, सीधे प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रहा है। कॉन्स्टेबल अभिषेक ने 4 राउंड नहीं, जबकि 8 राउंड गोली चलाई है। जिसमें से 5 गोली तो वह सीधे प्रदर्शनकारियों को टारगेट करके चलाते हुए दिखा रहा है। 3. AK-47 से किसी को गोली नहीं लगी सवाल-3ः …तो क्या सरकार अफसरों को बचा रही है? जवाबः अब तक की सरकार की कार्रवाई को देखने से ऐसा नहीं लगता। AK-47 गोलीकांड के बाद सम्राट सरकार ने 3 बड़े कदम उठाए हैं। 1. कॉन्स्टेबल सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू घटना के 48 घंटे बाद 27 जुलाई की दोपहर सीवान के तत्कालीन SP पूरन कुमार झा ने AK-47 से गोली चलाने वाले अभिषेक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। SP झा ने बताया था, ‘मुख्यालय से निर्देश मिला था। इसके बाद सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को निलंबित किया गया। मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ 2. भीड़ में AK-47, इंसास और एसएलआर हथियार ले जाने पर रोक 12 अगस्त को DGP विनय कुमार ने सभी जिलों के SSP-SP को आदेश जारी किया कि पुलिस अब लॉ एंड ऑर्डर, भीड़ को कंट्रोल करने और प्रदर्शन के दौरान AK-47, इंसास रायफल और एसएलआर का इस्तेमाल नहीं करेगी। 3. DM-SP को हटाया, मुख्यालय बुलाया 17 अगस्त की रात सरकार ने सीवान के जिलाधिकारी (DM) विवेक रंजन मैत्रेय को हटा दिया। उनको नई पोस्टिंग नहीं दी गई है। मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। विवेक रंजय मैत्रेय की जगह विजय प्रकाश मीणा को सीवान का DM बनाया गया है। वहीं, DM को हटाने के अगले दिन 18 अगस्त को सरकार ने SP पूरन कुमार झा को भी हटा दिया। उन्हें बिना पोस्टिंग दिए पटना मुख्यालय बुला लिया है। पूरन झा की जगह भरत सोनी को SP बनाया गया है। सवाल-4ः अगर विभागीय जांच में जानबूझकर AK-47 चलाने की बात सामने आई तो क्या होगा? जवाबः बिहार के पूर्व DGP अभयानंद कहते हैं, ‘यह पूरा मामला राइट टू प्राइवेट डिफेंस का बन रहा है। इसकी परिभाषा बहुत व्यापक है।’ अभयानंद कहते हैं, ‘राइट टू प्राइवेट डिफेंस के तहत जरूरी नहीं है कि भीड़ उसके आसपास ही रहे तब ही वह गोली चलाए। कॉन्स्टेबल यह भी दिखा सकता है कि भीड़ तेजी से आ रही थी, थोड़ी देर रूकते तो हमारी जान जा सकती थी। ऐसी स्थिति में कॉन्स्टेबल पर कोई एक्शन नहीं होगा।’ पूर्व DGP कहते हैं, ‘चूंकि इस केस में आम आदमी ने कोई FIR नहीं कराई है और ना ही पुलिस ने अलग से FIR की है। ऐसे में उस पर सिर्फ विभागीय जांच ही होगी।’ ‘इस केस में कॉन्स्टेबल को ज्यादा से ज्यादा सस्पेंड किया जा सकता है। जो पुलिस पहले ही कर चुकी है। अगर विभागीय जांच में यह साबित भी हो जाए कि उसने जानबूझकर AK-47 चलाई है तब भी उस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होगी। ज्यादा से ज्यादा फील्ड की ड्यूटी से हटाया जा सकता है। जुर्माना लगाया जा सकता है। क्योंकि इसमें कोई कैजुअल्टी नहीं है।’ बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सीवान में प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंस जाने पर कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में 4 राउंड फायरिंग की थी। इसमें कोई घायल नहीं हुआ। क्या वाकई AK-47 चलाने वाला कॉन्स्टेबल ‘फंस’ गया था या सम्राट सरकार अफसरों को बचा रही है, जानेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1ः सुप्रीम कोर्ट में AK-47 गोलीकांड पर बिहार पुलिस ने क्या जवाब दाखिल किया है? जवाबः सुप्रीम कोर्ट में 11 अगस्त को बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। ADG (लॉ एंड ऑर्डर) के. सुहिता अनुपम ने हलफनामे में बताया है… बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पुलिस ने स्टूडेंट्स के प्रदर्शनों के दौरान संयम बरता और उनके खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग नहीं किया। सवाल-2ः क्या वाकई AK-47 चलाने वाला कॉन्स्टेबल ‘फंस’ गया था? जवाबः फायरिंग के वीडियो को देखें तो पुलिस के ये दावे गलत लगते हैं। पुलिस के 3 बड़े दावों और उसकी हकीकत विस्तार से समझिए… 1. कॉन्स्टेबल भीड़ में ‘फंस’ गया था 2. 4 राउंड हवा में फायरिंग की पुलिस का दावा है कि कॉन्स्टेबल ने 4 गोली हवा में चलाई। यह दावा पूरी तरह झूठ है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कॉन्स्टेबल हवा में नहीं, सीधे प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रहा है। कॉन्स्टेबल अभिषेक ने 4 राउंड नहीं, जबकि 8 राउंड गोली चलाई है। जिसमें से 5 गोली तो वह सीधे प्रदर्शनकारियों को टारगेट करके चलाते हुए दिखा रहा है। 3. AK-47 से किसी को गोली नहीं लगी सवाल-3ः …तो क्या सरकार अफसरों को बचा रही है? जवाबः अब तक की सरकार की कार्रवाई को देखने से ऐसा नहीं लगता। AK-47 गोलीकांड के बाद सम्राट सरकार ने 3 बड़े कदम उठाए हैं। 1. कॉन्स्टेबल सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू घटना के 48 घंटे बाद 27 जुलाई की दोपहर सीवान के तत्कालीन SP पूरन कुमार झा ने AK-47 से गोली चलाने वाले अभिषेक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। SP झा ने बताया था, ‘मुख्यालय से निर्देश मिला था। इसके बाद सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को निलंबित किया गया। मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ 2. भीड़ में AK-47, इंसास और एसएलआर हथियार ले जाने पर रोक 12 अगस्त को DGP विनय कुमार ने सभी जिलों के SSP-SP को आदेश जारी किया कि पुलिस अब लॉ एंड ऑर्डर, भीड़ को कंट्रोल करने और प्रदर्शन के दौरान AK-47, इंसास रायफल और एसएलआर का इस्तेमाल नहीं करेगी। 3. DM-SP को हटाया, मुख्यालय बुलाया 17 अगस्त की रात सरकार ने सीवान के जिलाधिकारी (DM) विवेक रंजन मैत्रेय को हटा दिया। उनको नई पोस्टिंग नहीं दी गई है। मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। विवेक रंजय मैत्रेय की जगह विजय प्रकाश मीणा को सीवान का DM बनाया गया है। वहीं, DM को हटाने के अगले दिन 18 अगस्त को सरकार ने SP पूरन कुमार झा को भी हटा दिया। उन्हें बिना पोस्टिंग दिए पटना मुख्यालय बुला लिया है। पूरन झा की जगह भरत सोनी को SP बनाया गया है। सवाल-4ः अगर विभागीय जांच में जानबूझकर AK-47 चलाने की बात सामने आई तो क्या होगा? जवाबः बिहार के पूर्व DGP अभयानंद कहते हैं, ‘यह पूरा मामला राइट टू प्राइवेट डिफेंस का बन रहा है। इसकी परिभाषा बहुत व्यापक है।’ अभयानंद कहते हैं, ‘राइट टू प्राइवेट डिफेंस के तहत जरूरी नहीं है कि भीड़ उसके आसपास ही रहे तब ही वह गोली चलाए। कॉन्स्टेबल यह भी दिखा सकता है कि भीड़ तेजी से आ रही थी, थोड़ी देर रूकते तो हमारी जान जा सकती थी। ऐसी स्थिति में कॉन्स्टेबल पर कोई एक्शन नहीं होगा।’ पूर्व DGP कहते हैं, ‘चूंकि इस केस में आम आदमी ने कोई FIR नहीं कराई है और ना ही पुलिस ने अलग से FIR की है। ऐसे में उस पर सिर्फ विभागीय जांच ही होगी।’ ‘इस केस में कॉन्स्टेबल को ज्यादा से ज्यादा सस्पेंड किया जा सकता है। जो पुलिस पहले ही कर चुकी है। अगर विभागीय जांच में यह साबित भी हो जाए कि उसने जानबूझकर AK-47 चलाई है तब भी उस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होगी। ज्यादा से ज्यादा फील्ड की ड्यूटी से हटाया जा सकता है। जुर्माना लगाया जा सकता है। क्योंकि इसमें कोई कैजुअल्टी नहीं है।’  

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