समस्तीपुर के सरायरंजन में श्मशान की जमीन पर पंचायत सरकार भवन बनाए जाने का विरोध कर रहे मेयारी पंचायत के मुखिया बिरजू राय ने मंगलवार को समस्तीपुर कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह की कोशिश की। मुखिया कलेक्ट्रेट में पहले से आत्मदाह करने की घोषणा कर चुके थे। इसे देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। जानकारी के मुताबिक, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मुखिया बिरजू राय कोर्ट की ओर से बाउंड्री वॉल के रास्ते कलेक्ट्रेट कैंपस में पहुंच गए और दौड़ते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह की गाड़ी के पास पहुंच गए। इसके बाद मुखिया ने बोतल में रखा मिट्टी का तेल अपने शरीर पर छिड़क लिया और माचिस निकालकर आग लगाने का प्रयास किया। इसी दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड और पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने मुखिया बिरजू राय को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पहले से की थी आत्मदाह की घोषणा, तैनात थी पुलिस मुखिया की ओर से आत्मदाह की पूर्व घोषणा को देखते हुए कलेक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नगर थाना समेत अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस की निगरानी के बावजूद मुखिया बाउंड्री पार कर परिसर में पहुंच गए। हालांकि, आग लगाने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। मुखिया बोले- श्मशान की जमीन पर बन रहा पंचायत सरकार भवन हिरासत में लिए गए मुखिया बिरजू राय ने बताया कि मेयारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण श्मशान की जमीन पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण का विरोध करते हुए इस मामले में जिले के अधिकारियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक लगातार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने मामले पर गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया। मुखिया के अनुसार, लगातार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से वे काफी आहत थे। इसी वजह से उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर आत्मदाह करने का निर्णय लिया। ‘पंचायत प्रतिनिधियों की नहीं सुनी जाती’ बिरजू राय ने आरोप लगाया कि सरकार पंचायत सरकार और पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार देने की बात करती है, लेकिन वास्तविकता में पंचायत प्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने कहा कि पंचायतों से जुड़े कई अधिकार अब भी अधिकारियों के स्तर पर ही सीमित हैं। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार और उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। मेयारी पंचायत बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के विधानसभा क्षेत्र सरायरंजन में आता है। घटना के बाद पुलिस ने मुखिया को हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। समस्तीपुर के सरायरंजन में श्मशान की जमीन पर पंचायत सरकार भवन बनाए जाने का विरोध कर रहे मेयारी पंचायत के मुखिया बिरजू राय ने मंगलवार को समस्तीपुर कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह की कोशिश की। मुखिया कलेक्ट्रेट में पहले से आत्मदाह करने की घोषणा कर चुके थे। इसे देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। जानकारी के मुताबिक, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मुखिया बिरजू राय कोर्ट की ओर से बाउंड्री वॉल के रास्ते कलेक्ट्रेट कैंपस में पहुंच गए और दौड़ते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह की गाड़ी के पास पहुंच गए। इसके बाद मुखिया ने बोतल में रखा मिट्टी का तेल अपने शरीर पर छिड़क लिया और माचिस निकालकर आग लगाने का प्रयास किया। इसी दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड और पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने मुखिया बिरजू राय को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पहले से की थी आत्मदाह की घोषणा, तैनात थी पुलिस मुखिया की ओर से आत्मदाह की पूर्व घोषणा को देखते हुए कलेक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। नगर थाना समेत अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस की निगरानी के बावजूद मुखिया बाउंड्री पार कर परिसर में पहुंच गए। हालांकि, आग लगाने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। मुखिया बोले- श्मशान की जमीन पर बन रहा पंचायत सरकार भवन हिरासत में लिए गए मुखिया बिरजू राय ने बताया कि मेयारी पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण श्मशान की जमीन पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण का विरोध करते हुए इस मामले में जिले के अधिकारियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक लगातार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने मामले पर गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया। मुखिया के अनुसार, लगातार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से वे काफी आहत थे। इसी वजह से उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर आत्मदाह करने का निर्णय लिया। ‘पंचायत प्रतिनिधियों की नहीं सुनी जाती’ बिरजू राय ने आरोप लगाया कि सरकार पंचायत सरकार और पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार देने की बात करती है, लेकिन वास्तविकता में पंचायत प्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने कहा कि पंचायतों से जुड़े कई अधिकार अब भी अधिकारियों के स्तर पर ही सीमित हैं। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार और उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। मेयारी पंचायत बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के विधानसभा क्षेत्र सरायरंजन में आता है। घटना के बाद पुलिस ने मुखिया को हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

