कासगंज में CPI(M) ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के विरोध में मंगलवार दोपहर 2 बजे तहसील कासगंज में प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम तहसील अधिकारियों को ज्ञापन दिया। जिला मंत्री सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में पार्टी ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। CPI(M) का कहना है कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है और संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है। 13 करोड़ नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए पार्टी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने केंद्र सरकार के इशारे पर देश के करीब 13 करोड़ नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं। इसे लोकतंत्र और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया गया। CPI(M) नेताओं ने कहा कि वैध मतदाताओं के नाम हटाना गंभीर मामला है। इससे बड़ी संख्या में नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। पार्टी ने मांग की कि गलत तरीके से हटाए गए नाम तुरंत दोबारा जोड़े जाएं।ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई। पार्टी ने हर पात्र नागरिक के मताधिकार को सुरक्षित रखने की बात कही।

