लखनऊ के राजकीय जुबिली इण्टर कॉलेज में देश के किसी राजकीय विद्यालय में स्थापित होने वाली पहली ड्रीम लैब तैयार हो गई है। टाटा NELCO के सहयोग से बनी इस लैब का उद्घाटन जल्द होगा। शनिवार को अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सेन सारथी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल समेत अधिकारियों ने लैब का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने लैब में उपलब्ध आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का जायजा लिया। कम समय में विद्यालय में हुए बदलाव की भी सराहना की। अपर मुख्य सचिव ने प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव के प्रयासों की सराहना करते हुए ड्रीम लैब को नोडल सेंटर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। चार महीने में तैयार हुई लैब सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने 3 जून को जुबिली कॉलेज में प्रधानाचार्य का कार्यभार संभाला था। उसी दिन टाटा Nelco की टीम के साथ लैब की स्थापना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले करीब छह महीने तक उपयुक्त कक्ष नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसके बाद उपलब्ध संसाधनों और विभागीय सहयोग से काम शुरू हुआ और करीब चार महीने में लैब तैयार हो गई। आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा ड्रीम लैब में विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, समस्या समाधान और तकनीकी कौशल विकसित करने पर फोकस रहेगा। लैब को नोडल सेंटर बनाए जाने के बाद अन्य राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी यहां नि:शुल्क प्रशिक्षण देने की योजना है। पौधा लगाया, किताब देकर किया सम्मान निरीक्षण के दौरान पार्थ सेन सारथी और मोनिका रानी ने विद्यालय परिसर में चंदन का पौधा लगाया। वहीं ‘बुके नहीं, बुक’ की परंपरा के तहत अधिकारियों को पुस्तकें भेंट की गईं। प्रधानाचार्य ने कहा कि ड्रीम लैब से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और कौशल सीखने के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल राजकीय विद्यालयों में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

